
साइबर सैल के कांस्टेबल पुखराज व दयालसिंह को सम्मानित करते एसपी धर्मेन्द्रसिंह।
जोधपुर।
जोधपुर ग्रामीण पुलिस की साइबर सैल ने वर्ष 2023 में साइबर ठगी की 1323 शिकायतों का निस्तारण कर 1.10 करोड़ रुपए होल्ड और 35 लाख रुपए पीडि़तों को रिफण्ड करवाए। वहीं, सात लाख रुपए के 37 मोबाइल भी सुरक्षित वापस दिलवाए। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) धर्मेन्द्रसिंह यादव ने इस कार्य के लिए साइबर सैल के कांस्टेबल पुखराज व दयालसिंह को गुरुवार को सम्मानित किया।
एसपी धर्मेन्द्रसिंह यादव ने बताया कि साइबर ठगी होने के बाद पीडि़त टोल फ्री नम्बर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। इन नम्बर व वेबसाइट पर जोधपुर ग्रामीण जिले से जुड़ी शिकातयें मिलने के बाद साइबर सैल के कांस्टेबल पुखराज व दयालसिंह ने त्वरित कार्रवाई कर पीडि़तों को राहत दिलाई। साइबर सैल की ओर से निम्नलिखित कार्रवाइयां की गईं :-
- 59 शिकायतों में 35,80,835 रुपए रिफण्ड करवाए गए।
- 1264 शिकायतों में 1,10,85,800 रुपए अनेक खातों में होल्ड करवाए गए हैं।
- सात लाख रुपए के 37 मोबाइल जो खो चुके थे उन्हें ब रामद कर पीडि़तों को लौटाए गए।
- साइबर ठगी की शिकायतों में लिप्त 894 मोबाइल नम्बर ब्लॉक भी करवाए गए हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए निम्न सावधानी बरतें ...
- ओटीपी-पिन-सीवी नम्बर शेयर न करें।
- ऑनलाइन खाते-नेट बैंकिंग के एल्फानुमैरिक स्पेशल कैरेक्टर के साथ कॉम्प्लेक्स पासवर्ड सैट करें।
- नाम, मोबाइल नम्बर या जन्मतिथि को पासवर्ड न बनाएं।
- लाॅटरी, कैश बैक, रिफण्ड, जोब्स, गिफ्ट आदि के लालच में फंसे।
- यूपीआइ पिन व क्यूआर कोड स्कैन केवल भुगतान करने के लिए किया जाता है, न कि धन राशि प्राप्त करने के लिए।
- सोशल मीडिया अकाउन्ट्स पर टू स्टेप वैरिफिकेशन, टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें।
- कस्टमर केयर के नम्बर कभी भी गूगल से सर्च न करें। अधिकारिक वेबसाइट से ही यह नम्बर हासिल करें।
- मोबाइल डिवाइस का जीपीएस, ब्ल्यूटूथ, एनएफसी, हॉट-स्पॉट, वाइफाइ आवश्यक होने पर ही ऑन रखें।
- अनजान वीडियो कॉल रिसीव न करें और न ही अनजान फ्रेण्ड रिक्वेस्ट स्वीकार करें।
- पब्लिक वाइफाइ में ऑनलाइन शॉपिंग या बैंकिंग लेन-देन न करें। अनजान क्यूआर कोड स्कैन या लिंक पर क्लिक न करें।
- अनजान के झांसे में रिमोट एक्सेस एपीके एनीडेस्क, टीम व्यूअर, एयरड्रॉप, मीडियम, एयरमीनेर आदि ऐप इंस्टॉल या डाउनलोड न करें।
- ऑटोमैटिक फॉरवर्डिंग ऐप इंस्टॉल या डाउनलोड न करें।
- व्हॉट्सऐप, इंस्टाग्रमा, फेसबुक, ट्यूरकॉलर की डीपी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम वदी पहने फोटो या किसी परिचित व्यक्ति का फोटो दिखाई देने पर भरोसा न करें। परिचित व्यक्ति से कॉल कर सत्यापन करने के बाद ही लेन-देन करें।
- ऑनलाइन सोशल साइट पर पर्सनल फोटो या वीडियो शेयर न करें।
- लाइक, व्यूह व रैटिंग्स के चक्कर में घर बैठे रुपए कमाने के लालच में न आएं और न ही निवेश करें।
- आरबीआइ की ओर से स्वीकृत बैंकिंग, नॉन बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के अधिकृत लोन ऐप से ही लोन लेवें।
- गलत या धोखे से गलत व्यक्ति के खाते में यूपीआइ से धनराशि ट्रांसफर होने पर www.npci.org.in पर ऑनलाईन शिकायत दर्ज करवाएं।
Published on:
04 Jan 2024 11:44 pm
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