जोधपुर. भारतीय सेना को सोमवार को धनुष तोप मिल गई। जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएस) में आयोजित कार्यक्रम में सेना को 6 धनुष तोप सौंपी गई। सेना के अफसर तोप पर सवार होकर कॉम्पलेक्स से बाहर आए। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक सेना को धनुष की पूरी रेजिमेंट यानी 18 तोप मिल जाएगी। सेना ने आयुध निर्माण बोर्ड (ओएफबी) को 114 धनुष तोप तैयार करने का ऑर्डर दिया है। स्वदेशी बोफोर्स तोप के नाम से मशहूर धनुष को पाकिस्तान व चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा। जोधपुर स्थित कोणार्क कोर में भी धनुष की पहली रेजिमेंट तैनात होने की संभावना होगी। सेना को करीब 32 साल बाद नई तोप मिली है। इससे पहले 1980 के दशक में राजीव गांधी की सरकार के समय सेना को स्वीडन से बोफोर्स तोप मिली थी।
जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएस) में सोमवार सुबह 10 बजे समारोहपूवर्क धनुष गन इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ओएफबी अध्यक्ष सौरभ कुमार ने आर्मी की आर्टिलरी डिविजन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल पीके श्रीवास्तव को 6 धनुष तोप की कमान सौंपी। सौरभ कुमार ने कहा कि सेना को हर साल 60 तोप की जरुरत है जो ओएफबी के लिए बनाना चुनौती होगी। लेफ्टिनेंट जनरल श्रीवास्तव ने कहा कि धनुष के आर्मी में शामिल होने से सेना की ताकत बढ़ेगी और आर्मी दुश्मन का मुंह तोड़ जवाब देगी। कार्यक्रम में रक्षा उत्पादन सचिव डॉ. अजय कुमार, लेफ्टिनेंट जनरल आरएस सलारिया, मेजर जनरल मनमीत सिंह और उनकी टीम उपस्थित थी।