
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी के लिए लोधा समाज ने निकाला जुलूस.,प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित ठोर बने जोधपुर के ये नजदीकी वेटलैंड्स, 75 प्रजातियों के परिंदों ने डाला डेरा
जोधपुर. शीतकाल में आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या बढऩे लगी है। प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित ठोर बन चुके जोधपुर शहर और आसपास के जलाशयों में इन दिनों खूबसूरत पक्षी पेलिकन के समूह जलक्रीडा करते नजर आने लगे हैं। मारवाड़ में हर साल नवम्बर के अंतिम सप्ताह तक वेबलर, टेलर, लार्क, इंडियन रोलर, बी-ईटर, पेलीकॅन, मालार्ड, पिन्टेल, स्पून बिल, पर्पल मूरहेन व शिकारी सहित करीब 80 से 100 प्रजातियों के पक्षियों का आगमन होता है। इस बार ये दिसंबर में नजर आने लगे हैं। पक्षी विशेषज्ञ अस्थिर तापमान, सर्दी विलंब से शुरू होने के साथ वातावरण अनुकूल नहीं होना इसका कारण मानते है। नवम्बर में जोधपुर जिले के खींचन में 37 कुरजां पक्षियों की मौत के बाद सांभर झील में हजारों पक्षियों की मौत से भी जोधपुर व मारवाड़ के कई हिस्सों में पक्षियों का आगमन प्रभावित रहा।
जलाशयों पर कलरव
गुड़ा विश्नोइयां, सरदारसमंद, मंडोर, बालसमंद, कायलाना, बड़ली तालाब, अखेराज का तालाब सहित करीब 18 जलाशयों पर प्रवासी व स्थानीय जलीय पक्षियों का कलरव सुनाई दे रहा है। कुरजां, नार्दन पिन्टेल, पोचर्ड, कॉमन पोचर्ड, कॉमन टेल, लोंग बिल्ड व इजिप्शियन वल्चर्स, पाइड किंग फिशर, शॉवलर, रफ एण्ड रीव, रूडी शर्डक, ग्रीन पीजन, गिद्ध, वॉबलर, व्हाइट ब्रस्टेड वाटर हेन, इंडियन रोलर (नीलकंठ ) पक्षी सहित 75 से अधिक प्रजातियों के पक्षी जोधपुर जिले के जलाशयों पर रिपोर्ट किए गए है। बड़ी संख्या में नार्दन शॉवलर बतख नॉर्थ अमरीका, अफ्रीका से शीतप्रवास के लिए फलोदी, गुड़ा, सरदारसमंद के जलाशयों पर प्रवास के लिए पहुंच चुकी है।
इनका कहना है
समृद्ध जैव विविधता का संकेत किसी भी जगह पर पक्षियों का आगमन उस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का साक्ष्य माना गया है। जोधपुर के आसपास के जलाशयों पर 75 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का पड़ाव अच्छा संकेत है।
- शरद पुरोहित, पक्षी प्रवास विशेषज्ञ
Published on:
05 Dec 2019 03:06 pm
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