16 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विद्युत विभाग आया हरकत में, बिजली के खंभों से हटने लगे विज्ञापन के बोर्ड

राजस्थान पत्रिका ने समाचार प्रकाशित कर उठाया था मुद्दा। शैक्षणिक व अन्य संस्थाओं की ओर से प्रचार-प्रसार के नाम पर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग की खबर के बाद विद्युत विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए कमर कस ली है।

2 min read
Google source verification
Discom active against Illegal Advt on pole

विद्युत विभाग आया हरकत में, बिजली के खंभों से हटने लगे विज्ञापन के बोर्ड

धुंधाड़ा. शैक्षणिक व अन्य संस्थाओं की ओर से प्रचार-प्रसार के नाम पर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग की खबर के बाद विद्युत विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए कमर कस ली है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता सौरभ कुमार ने धुंधाड़ा में विद्युत कर्मचारियों को निर्देश देकर बिजली के खंभों के विज्ञापन अविलम्ब हटाने को कहा है। इसकी पालना में विद्युत कर्मचारियों ने अभियान छेडक़र बिजली के खंभों पर लगे विज्ञापन हटाने शुरू कर दिए है। कई स्थानों पर पोल साफ—सुथरे नजर आने लगे है।

ज्ञातव्य है कि राजस्थान पत्रिका ने २ मई के अंक में ‘प्रचार के लिए सरकारी संपत्ति का दुरूपयोग’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस मामलों को उठाया था। जिसमें कहा गया था कि बिजली के खंभे को तो निजी संस्थाएं प्रचार का साधन मान बैठी है। इसीका नतीजा रहा कि विद्युत विभाग ने अभियान छेड़ इस तरह के विज्ञापनों को हटाना शुरू कर दिया।

मिलेगी राहत-

बिजली के खंभों पर प्रचार बोर्ड लगने से बिजली कर्मचारियों को यहां फाल्ट होने पर उसे सुधारने के लिए परेशान होना पड़ता था। खुद विद्युत कर्मचारियों के अनुसार बिजली के खंभे पर चढऩे के लिए एक तो सीढ़ी लगाने में दिक्कत होती है, वहीं कई बार हादसों होने का खतरा रहता है। सडक़ किनारे लगे बिजली के खंभे पर कई स्थानों पर तो बोर्ड इतनी नीचे टांग दिए हैं कि तेज हवा से नीचे की ओर लटक जाते हैं। उनसे लोगों के सिर टकराते हैं। राहगीर और वाहन चालक भी कई बार इससे टकराकर चोटिल होते रहे हैं। इनके हटने से अब कर्मचारियों के साथ राहगीरों को भी राहत मिलेगी।

हो सकता है मामला दर्ज-
जानकारी के अनुसार विद्युत पोल हो या स्ट्रीट लाइट के पोल या पेड़ आदि किसी पर भी प्रचार बोर्ड या विज्ञापन बोर्ड नहीं लगा सकते। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ ग्राम पंचायत व प्रशासन की ओर से संबंधित व्यक्ति या संस्था पर केस दर्ज किया जा सकता है।

नियम विरुद्ध—
ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना किसी भी संस्था द्वारा विज्ञापन के बैनर बोर्ड लगाना नियम विरुद्ध है।
- ज्योत्सना पटेल, सरपंच, धुंधाड़ा

कार्रवाई होगी—

विद्युत पोलों पर बिना अनुमति विज्ञापन लगाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि सरकारी संपत्ति पर बिना इजाजत किसी भी तरह के विज्ञापन का बोर्ड लगाना गैरकानूनी है।
-सौरभ, कनिष्ठ अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम