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3500 ठेकाकर्मी दो घंटे हड़ताल पर, ओपीडी प्रभावित

शोषण रोकने और नए प्रावधानों के दायरे में लाने की मांग को लेकर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में कार्यरत 3500 ठेकाकर्मियों शुक्रवार सुबह दो घंटे हड़ताल पर रहे। इससे मथुरादास माथुर अस्पताल, महात्मा गांधी अस्पताल तथा उम्मेद जनाना अस्पताल में ओपीडी प्रभावित हुई।

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3500 ठेकाकर्मी दो घंटे हड़ताल पर, ओपीडी प्रभावित

3500 ठेकाकर्मी दो घंटे हड़ताल पर, ओपीडी प्रभावित

मथुरादास माथुर, उम्मेद जनाना तथा महात्मा गांधी अस्पताल में परेशान रहे मरीज

जोधपुर. शोषण रोकने और नए प्रावधानों के दायरे में लाने की मांग को लेकर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में कार्यरत 3500 ठेकाकर्मियों शुक्रवार सुबह दो घंटे हड़ताल पर रहे। इससे मथुरादास माथुर अस्पताल, महात्मा गांधी अस्पताल तथा उम्मेद जनाना अस्पताल में ओपीडी प्रभावित हुई। मरीज और उनके परिजन परेशान रहे। इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने काउंटर पर ओपीडी पर्ची बनवाने में मदद की।
राजस्थान चिकित्सा विभाग निविदा/ठेका कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में ठेके पर लगे कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह 8 से 10 बजे तक कार्य बहिष्कार किया। मथुरादास माथुर अस्पताल में ठेकाकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन कर अस्पताल प्रशासन का अपनी मांगों के प्रति ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान मथुरादास माथुर अस्पताल, महात्मा गांधी अस्पताल तथा उम्मेद जनाना अस्पताल में ओपीडी सेवाएं लडख़ड़ा गईं। काउंटर पर पर्ची बनवाने में वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने मदद की।
प्रमुख मांगें
- ठेका प्रथा समाप्त कर आरएलएसडीसी सरकारी बोर्ड/कम्पनी की बजट घोषणा पर अमल।
- संविदा सेवा नियम 2022 में शामिल किया जाए।
- दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश में भी समान कार्य समान वेतन व्यवस्था।
ऐसा चलेगा आंदोलन
10 सितंबर तक दो घंटे कार्य बहिष्कार।
11 सितंबर को ओपीडी का कार्य बहिष्कार।
12 सितंबर को सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार रहेगा।

ये ठेकाकर्मी आंदोलनरत
चिकित्सा विभाग में निविदा/प्लेसमेंट एजेंसी/ठेका पर लगे कार्मिक मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना, डाटा एंट्री ऑपरेटर (मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा एंव जांच योजना), ई-पहचान, ईसीजी टैक्नीशियन, एक्स-रे टैक्नीशियन, लैब टैक्नीशियन, लैब सहायक, सफाई कर्मचारी, ट्रॉली मैन, ऑक्सीजन प्लांट, वर्कशॉप टैक्नीशियन, डीडीसी हेल्पर, मरीज सहायक, सिक्यूरिटी गार्ड, स्वागतकर्ता, टेलीफोन ऑपरेटर तथा लिफ्ट ऑपरेटर।
आंदोलन तेज करेंगे
राज्य बजट घोषणा- 2023 में ठेका प्रथा समाप्त कर रेक्सो की तर्ज पर आरएलएसडीसी सरकारी बोर्ड / कम्पनी की घोषणा के लम्बे समय बाद भी धरातल पर लागू नही किया गया। मेडिकल कॉलेज अधीनस्थ ठेका कर्मियों को भी संविदा सेवा नियम - 2022 में शामिल नहीं किया गया। शोषण नहीं रोका गया तो आंदोलन तेज करने के सिवाय हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचेगा।
- तेजपाल, प्रदेशाध्यक्ष,राजस्थान चिकित्सा विभाग निविदा/ठेका कर्मचारी महासंघ