video : JK Bhati/जोधपुर. शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में नेहरू पार्क के पीछे स्थित दुर्गाबाड़ी में 77वां दुर्गा पूजन महोत्सव के आखिरी दिन बंगाली संस्कृति साकार होती प्रतीत हुई। इसका शुभारंभ शुक्रवार शाम को षष्टी पूजन से किया गया था। जोधपुर दुर्गाबाड़ी समिति की ओर से शाम को सांस्कृतिक संध्या में गुरु अनुपमा ग्रुप के संयोजन में बालिकाओं का भक्ति नृत्य आकर्षक रहा। बालिकाओं ने नवदुर्गा और महिषासुर वध को भक्ति नृत्य से प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी।
बंगाली समाज की ओर से कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड इसरो के पीछे 9 सेक्टर सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में देवी बोधन पूजा अर्चना के साथ दुर्गा पूजा अनुष्ठान की शुरुआत की गई। समिति के सुमन विस्वास ने बताया कि प्रथम दिन मां दुर्गा के मूर्ति के साथ साथ गणेश, लक्ष्मी, कार्तिकेय, सरस्वती का पूजन किया गया था। शनिवार को एक शाम माता के नाम भजन संध्या का आयोजन हुआ था। पांच दिवसीय दुर्गा महोत्सव का समापन विजयदशमी के दिन सिंदूर खेल, विशाल जुलूस के रूप में मूर्ति विसर्जन से किया जा रहा है। बंगाली समाज सेवा समिति प्रतापनगर की ओर से सार्वजनिक द्वादश नवदुर्गा महोत्सव का आगाज कमला नेहरू नगर इएसआइ अस्पताल रोड स्थित मैदान में विधिवत पूजन से किया गया।