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खाने के तेल ने छुड़ाए पसीने, दाल भी नहीं गल रही

रसोई में घुसी महंगाई, ‘गृहलक्ष्मी’ का बिगड़ा बजट - दालें, सब्जियां व खाद्य तेल के दाम पहुंचे आसमान पर

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जोधपुर

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Amit Dave

Jan 19, 2020

खाने के तेल ने छुड़ाए पसीने, दाल भी नहीं गल रही

खाने के तेल ने छुड़ाए पसीने, दाल भी नहीं गल रही

जोधपुर।

बेकाबू हुई महंगाई को लेकर देशभर में हल्ला मचना शुरू हो गया है। आम आदमी महंगाई की मार झेल रहा है। इसका असर रसोई तक पहुंच गया है। दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री के दामों में बेहताशा बढ़ोतरी से ‘गृहलक्ष्मी’ (गृहणियों) का रसोई का बजट गड़बड़ाने लगा है । खाद्य तेलों में ढ़ाई महिने में ही 15 से 20 रुपए प्रति किलो की तेजी आई है, जो अब तक की सर्वाधिक तेजी मानी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि अन्तरराष्ट्रीय बाजार में चल रही उथल पुथल के कारण खाद्य सामग्री में तेजी आई है। लगातार पेट्रोल व डीजल के भावों में वृद्धि भी महंगाई का एक कारण है।

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खाद्य तेल व दालें हुई महंगी

घी-तेल व्यापारी चन्द्रप्रकाश मूथा ने बताया कि वायदा तेज होने से दिवाली के बाद से ही भावों में वृद्धि हो रही है। पिछले वर्ष ज्यादा बारिश के चलते सोयाबीन, मूंगफली, मूंग, उड़द की फसलें खराब हो गई थी, उत्पादन कम होने से दाम बढ रहे है। आयातित पॉम तेल के चलते बाजार में टिकाव रहता था, लेकिन 6-7 माह से विदेश से भी पॉम तेल के आयात पर लगाम लगाने से भावों में वृद्धि हुई है। दिवाली के बाद से अब तक रिफाइंड तेलों में 300 रुपए प्रति टिन तेजी आई है। सोयाबीन-सरसों में 15-15 रुपए तो मूंगफली के दाम में प्रति किलो 10 रुपए की तेजी आई है। दाल व्यापारी श्रेयांश बाफना ने बताया कि मध्यप्रदेश में अतिवृष्टि से दालें खराब हो गई। समय पर फसलों का न होना व फसलों का कमजोर होने से दालों के भावों में तेजी आई है।

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सब्जियों के भी दाम बढ़े

फल सब्जी दलाल संघ के अध्यक्ष घनश्याम गहलोत ने बताया कि पिछले एक साल में सब्जियों में ढाई से तीन गुना वृद्धि हुई है। इसका मुख्य कारण पिछले वर्ष राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित अन्य प्रदेशों में लगातार बारिश व बाढ से अधिकांश सब्जियां या तो नष्ट हो गई या पैदावार कम हुई। ज्यादा असर प्याज पर पड़ा। पिछले साल जनवरी में प्याज 10 से 15 रुपए किलो बिका जबकि यही प्याज नवम्बर-दिसमबर माह में 80 से 100 रुपए किलो तक पहुंच गया था। विदेशी प्याज भी मंडियों में पहुंचा लेकिन भाव कम नहीं हुए। अब नया प्याज आने लगा है तो भाव 25 से 30 रुपए किलो पर आए है। आलू के दामों में भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है।

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उबल रहा पेट्रोल-डीजल

अमरीका-ईराक के बीच विवाद होने के बाद से लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ रहे है। एक जनवरी को पेट्रोल 78.60 रुपए प्रति लीटर था, जो शुक्रवार को 79.17 रुपए हो गया। डीजल के दाम 72.67 रुपए से बढकऱ 73.82 रुपए प्रति लीटर हो गए है।

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खाद्य तेल भाव प्रति किलो (रुपए में )

तेल-------- जनवरी 2019--------जनवरी 2020

सोयाबीन------- 80-85 -----------100-105

मूंगफली-------100-105 --------- 120-125

सरसो---------80-85 ----------100-105-

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दालों के भाव प्रति किलो होलसेल (रुपए में )

दाल----- जनवरी 2019--- जनवरी 2020

दाल चना -- 50-52 -------- 51-53

मूंग मोगर -- 68-73 -------- 98-104

मूंग दाल -- 61-65 --------- 88-91

उड़द दाल -- 60-85 --------- 85-90

उड़द मोगर -- 60-70 --------- 95-105

काबली चना -- 50-52----------55-65

मोठ मोगर --65-70 ---------- 83-87

अरहर दाल -- 70-75 --------- 75-80

मसूर मल्का -- 50-50 -------- 59-62

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सब्जियों के भाव होलसेल में (प्रति किलो रुपए में )

सब्जी-----जनवरी 2019 ----- जनवरी 2020

आलू-------- 5-10 ---------- 15-18

प्याज-------- 10-15 -------- 25-35

लहसुन------- 20-25 ------- 70-80

गाजर-------- 5-7 ---------- 12-15

गोभी-------- 5-7 ----------- 5-10

लोकी-------- 4-6 ---------- 8-10

टमाटर------- 8-10 --------- 15-20

मिर्च-------- 10-20 -------- 25-25

मटर-------- 20-25 --------- 30-32

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