
Jodhpur News: जोधपुर शहर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के लिए लगाए गए अशोभनीय भाषा के पोस्टर मामले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बाघा सूरसागर के प्रथम लेवल शिक्षक शंभू सिंह मेड़तिया के विरुद्ध विभागीय जांच प्रक्रियाधीन है। ऐसे में गुरुवार को शिक्षक संगठनों ने अशोभनीय भाषा के पोस्टर लगाने की निंदा की है। वहीं दूसरी ओर जिला शिक्षा अधिकारी पुरुषोत्तम राजपुरोहित ने मामले की विभागीय जांच को प्रक्रियाधीन बताया है।
शिक्षा मंत्री के लिए पोस्टर में जिस तरह की भाषा का उपयोग हुआ है, वह एक शिक्षक के लिए घोर निंदनीय है। एक शिक्षक होने के बावजूद अशोभनीय भाषा का उपयोग करके मंत्री का विरोध करने की राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय घोर निंदा करता है।
तृतीय श्रेणी शिक्षक की ओर से शिक्षा मंत्री के खिलाफ जोधपुर में लगाए पोस्टर में अमर्यादित भाषा का उपयोग निंदनीय है। यह शिक्षक पद की मर्यादा के खिलाफ आचरण होने से राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील संगठन घोर निंदा करता है।
शिक्षा मंत्री के खिलाफ तृतीय श्रेणी शिक्षक की ओर से पोस्टर और होर्डिंग लगाकर उसमें अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना उचित नहीं है। ऐसे में इस तरह की घटना का संगठन घोर निंदा करता है।
प्रदेश में शिक्षा का माहौल खराब होने पर शिक्षकों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को निकृष्ट कहकर उनका अपमान किया है। विभाग के मुखिया होने के नाते ऐसे विचार किसी भी शिक्षक के प्रति होना खेदजनक है।
प्रजातंत्र में विरोध करने का लोकतांत्रिक अधिकार है, किंतु हल्के शब्दों का प्रयोग करना उचित नहीं है। शिक्षा मंत्री ने गंभीर आरोप लगाए हैं तो इसकी संपूर्ण जांच होनी चाहिए। जो भी दोषी हो उनके विरुद्धकार्रवाई होनी चाहिए।
शिक्षक शंभूसिंह मेड़तिया को शिक्षा मंत्री के खिलाफ पोस्टर लगाने से पहले ही विभाग की ओर से 16 सीसी की चार्जशीट दी गई है। ऐसे में मामले की विभागीय जांच प्रक्रियाधीन है।
Updated on:
20 Sept 2024 09:02 am
Published on:
20 Sept 2024 09:02 am
