
आरोपी की फोटो: पत्रिका
Rajasthan Crime: पुलिस और समाज के लिए यह चिंताजनक और चौंकाने वाली खबर है। महज 21 साल का एक युवक साइबर गिरोह का एजेंट बन गया। साइबर ठगी के कारोबार में उसने अब तक करोड़ों का ट्रांजेक्शन कर दिया।
पुलिस ने पावटा स्थित मानजी का हत्था पर साइबर ठगी के इस बड़े कमिशन एजेंट को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से 19 सिम, 9 डेबिट-क्रेडिट कार्ड और 2 मोबाइल मिले हैं। महज 21 साल के युवक के खातों से 9.20 करोड़ का अवैध रूप से ट्रांजेक्शन हुआ था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
पुलिस के अनुसार रामपुरा भाटियान निवासी सुनील पुत्र धन्नाराम को पकड़ा है। सुनील साइबर ठगों के लिए कमिशन एजेंट के रूप में लंबे समय से काम कर रहा था। आरोपी के पास से अलग-अलग कंपनियों की 19 सिम, दो मोबाइल, 9 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, एक कोरियर किट और 5 पर्चियां मिली है।
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन ठगी के पैसे को किराए के बैंक खातों के जरिए व्हाइट मनी में बदलने के काम में लिप्त था। गिरोह से जुड़े नेटवर्क के खातों में अब तक वह करीब 9.2 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन कर चुका है। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा कि वह साइबर ठगी करने वाले गिरोह के लिए कमीशन एजेंट के रूप में काम करता था।
गिरोह के सदस्य लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और इन्वेस्टमेंट का लालच देकर ठगी करते हैं। ठगी का पैसा म्यूल अकाउंट (किराए के खाते) में ट्रांसफर की जाती है। इसके बाद एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीनों के जरिए पैसे निकालकर अन्य खातों में जमा किया जाता है। यह पैसा व्हाइट मनी के रूप में उपयोग किया जाता है।
कमिशन एजेंट के रूप में काम कर रहे आरोपी युवक सुनील के पकड़े जाने के बाद पुलिस इस नेटवर्क को तोड़ने में लगी है। सुनील के सम्पर्क के लोगों की कुंडली खंगालने में पुलिस जुटी हुई है। इसके लिए कई संदिग्ध युवकों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अब मारवाड़ क्षेत्र में फैले साइबर ठगों के नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस आरोपी से बरामद हुए मोबाइल फोन की कॉल रिकॉर्डिंग की भी जांच कर रही है।
Published on:
09 Mar 2026 11:07 am
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