
जोधपुर. आमतौर पर विकास के नाम पर प्रकृति की बलि ले ली जाती है। हरे-भरे पेड़ काट दिए जाते हैं, लेकिन जोधपुर विकास प्राधिकरण ने इस बार विकास के नाम पर पेड़ों को काटने की बजाय इन्हें री-ट्रांसप्लांटेशन करने की योजना बनाई है। नहर चौराहे पर बनने वाले लाईओवर के बीच में आने वाले करीब 110 पेड़ों का री-ट्रांसप्लांट किया जाएगा। इसके लिए जेडीए करीब 26 लाख रुपए खर्च करेगा।
नहर चौराहे पर बनने वाले लाईओवर का कार्य शुरू हो चुका है। निर्माण से पूर्व इस सड़क पर लगे हुए पेड़ों का सर्वे किया गया था। सर्वे में 110 पेड़ लगे पाए। नगर निगम की ओर से इन पेड़ों को काटने की अनुमति भी जारी हो चुकी है, पर जेडीए ने इन पेड़ों को काटने की बजाय इन्हें री-ट्रांसप्लांट की योजना बनाई है। जेडीए की ओर से इस कार्य के लिए निविदा निकाली गई है। टेंडर खुलने के बाद यहां से पेड़ों को शिट किया जाएगा।
आरओबी की 90 लाख में तैयार होगी डीपीआर
बासनी दाऊजी होटल से डीजल शेड रोड पर लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए बासनी में एक किमी लंबे आरओबी के निर्माण के लिए आगामी एक सप्ताह में डीपीआर तैयार करने का कार्य शुरू होगा। जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी ने बताया कि करीब 90 लाख रुपए में डीपीआर तैयार होगी। सारा कार्य समय के अनुरूप होता है तो अगले तीन साल में कंटेनर व भारी वाहनों की आवाजाही के चलते बासनी आरओबी से लेकर एस तिराहे तक लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। डीपीआर बनाने के वर्कऑर्डर देने के बाद एक माह में ट्रैफिक सर्वे व डिजाइन पर कार्य होगा। अगले तीन माह में डिटेल डीपीआर तैयार की जाएगी। यह ओवरब्रिज फोरलेन का होगा तथा इसकी अनुमानित लागत 100 से 125 करोड़ होने की संभावना है।
Updated on:
16 May 2025 01:02 pm
Published on:
16 May 2025 01:02 pm
