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ज्यादा ब्याज के लालच में को-ऑपरेटिव सोसायटी में अटके 15 लाख रुपए, जमीन गिरवी रख करवाई हार्ट सर्जरी

शांतिलाल का कहना है कि शेयर के बॉण्ड परिपक्व होने पर वह राशि लेने गया तो ब्रांच मैनेजर ने देने से इनकार कर दिया। साथ ही बॉण्ड भी रख लिए। एमआइएस के तीन महीने तक ब्याज मिलता रहा, लेकिन बाद में बंद कर दिया गया।

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ex servicemen lost huge amount in adarsh credit cooperative society

ज्यादा ब्याज के लालच में को-ऑपरेटिव सोसायटी में अटके 15 लाख रुपए, जमीन गिरवी रख करवाई हार्ट सर्जरी

जोधपुर. ऊंची दर से ब्याज के लालच में सेवानिवृत्त उप निरीक्षक के पन्द्रह लाख रुपए आदर्श क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी में अटके हुए हैं। पोस्ट ऑफिस में जमा राशि निकाल सोसायटी में निवेश की थी। गुरों का तालाब में संतधाम रोड निवासी सेवानिवृत्त एसआइ शांतिलाल ने बताया कि सेवानिवृत्ति पेंशन और विभिन्न फण्ड से मिले पन्द्रह लाख रुपए पोस्ट ऑफिस में जमा करा दिए थे।

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वर्ष 2016-17 में 16 फीसदी ब्याज के झांसे में पांच लाख, और नवंबर 2017 ढाई-ढाई लाख रुपए आदर्श क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी में निवेश कर दिए। इसके बाद अगस्त 2018 में पांच लाख रुपए और सोसायटी की एमआइएस में और अक्टूबर 2018 में एक लाख रुपए जमा कराए थे। पांच हजार रुपए मासिक ब्याज मिलना था। उसने पत्नी के नाम पचास हजार व पुत्री के नाम चार लाख रुपए की एफडीआर भी कराई थी।

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जमीन गिरवी रख हार्ट की बाइपास कराई
शांतिलाल का कहना है कि शेयर के बॉण्ड परिपक्व होने पर वह राशि लेने गया तो ब्रांच मैनेजर ने देने से इनकार कर दिया। साथ ही बॉण्ड भी रख लिए। एमआइएस के तीन महीने तक ब्याज मिलता रहा, लेकिन बाद में बंद कर दिया गया। पुत्री के नाम पचास हजार रुपए की एफडीआर परिपक्व हो चुकी है, लेकिन भुगतान नहीं हो रहा है। इस दौरान हार्ट की बाइपास सर्जरी कराने के लिए रुपए की जरूरत हुई तो कृषि भूमि गिरवी रख रुपए की व्यवस्था की गई। पत्नी भी किडनी की बीमारी से ग्रस्त है। हर माह दवाइयों पर भारी खर्चा हो रहा है।

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