
जोधपुर। जोधपुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, जोधपुर (निजी) से पढ़ाई करने वाले 1509 विद्यार्थियों के करियर पर संकट उत्पन्न हो गया है। इस विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री को एक बार फिर फर्जी घोषित कर दिया है। वह भी एेसे में जब दो साल पहले ही फर्जी डिग्री मामले का पुलिस की ओर से खुलासा किए जाने के बाद यूजीसी व कॉलेज आयुक्तालय ने विश्वविद्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। लेकिन दो साल पहले ही प्रवेश पर तो रोक लग गई लेकिन उस समय से इस विश्वविद्यालय 1509 विद्यार्थियों पर कोई फैसला नहीं हो सका। जिसके चलते इन विद्यार्थियों ने अध्ययन जारी रखा और अब दो साल बाद डिग्री पूरी होने के साथ ही कॉलेज आयुक्तालय ने एटीएस व एसआेजी की ओर से जांच पूरी होते ही इनकी डिग्री को अमान्य घोषित कर दिया है। जिसके चलते अब इस फर्जी डिग्री व अंकतालिकाओं के आधार पर प्रवेश लेना या रोजगार तलाशना अब विद्यार्थियों के लिए मुश्किल होगा।
हाल ही में एडीजी पुलिस एटीएस एवं एसओजी, राजस्थान ने ऐसे 1500 से अधिक विद्यार्थियों की सूची जारी की है, जिन्होंने जोधपुर राष्ट्रीय विश्विविद्यालय से फर्जी डिग्री ली हैं। इससे पहले भी कॉलेज आयुक्तालय जेएनवीयू के 25 हजार लोगों की सूची जारी कर उनकी डिग्री को अमान्य घोषित कर चुका है। कॉलेज शिक्षा विभाग ने अपनी वेबसाइट पर इन विद्यार्थियों की सूची जारी कर दी है जिसमें पुलिस के निर्देश अनुसार जोधपुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, जोधपुर (निजी) के नाम से फर्जी डिग्रीधारकों की सूची शीर्षक से प्रकाशित की गई है। इसमें गत सत्र के 2015-16 के 895 और वर्तमान शैक्षणिक सत्र में अध्ययनरत 615 विद्यार्थियों की सूची है। साथ ही उसमें यह भी लिखा गया है कि इन फर्जी डिग्री धारकों को विभिन्न कार्यालयों/ विभागों/ विश्वविद्यालयों में इनके आधार पर रोजगार पाने से रोकने के लिए प्रदर्शित कराएं। एटीएस एवं एसओजी ने मुलजिम कमल मेहता द्वारा जोधपुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, जोधपुर के नाम से छात्रों को जारी की गई फर्जी अंकतालिकाओं की सूची मय एनरोलमेंट नंबर के कॉलेज शिक्षा विभाग को भेजी है। जिसके बाद कॉलेज आयुक्तालय ने यह सूची अपनी वेबसाइट पर जारी की है।
अब तक 26506 डिग्रीयां रदद, अभी तो ओर डिग्रीयां हो सकती है रद्द -
फर्जी डिग्री मामले को लेकर एसओजी इस प्रकरण में 2014 से जांच कर रही है। जिसके बाद अभी तक 26506 डिग्री धारकों के नाम आ चुके है जिन्होंने इस विश्वविद्यालय से डिग्री ली है। 2015 में 25003 और अब 1509 विद्यार्थियों के डिग्री रद्द की गई है। एसओजी इस मामले में अभी तक करीब आठ से दस लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और एसआेजी की कार्रवाई जारी है। वहीं एसओजी के अधिकारियों की मानें तो अभी मामले में यूपी और एमपी के कुछ ओर लोगों की गिरफ्तारियां होना बाकी है। जिनके द्वारा बांटी गई डिग्रीयों की उनकी जांच भी उन लोगों की गिरफ्तारी के बाद होगी। एेसे में हजारों विद्यार्थियों की डिग्री को जांच के बाद कॉलेज आयुक्तालय को एसओजी रद्द करने के लिए ओर भेज सकता है। इस मामले में 8 से 10 लोग गिरफ्तार हो चुके है। यूपी और एमपी में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहे है। फर्जी डिग्री मामले में अभी ओर गिरफ्तारियां होगी।
-रामदेव,एडिशनल एसपी,एसओजी
Published on:
06 Dec 2017 12:17 pm
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