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फर्जी IRS अफसर ने IAS की कोचिंग के नाम ऐंठे सत्तर हजार, बतौर तनख्वाह मिल रहे थे 2.20 लाख रुपए प्रतिमाह

दिल्ली में पदस्थापित आइआरएस के समान नाम का फायदा उठाकर बन बैठा था आइआरएस  

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जोधपुर. तृतीय श्रेणी स्नातक उत्तीर्ण एक व्यक्ति ने खुद को आइआरएस अफसर बता आइएएस परीक्षा की कोचिंग कराने के नाम पर एक छात्र से सत्तर हजार रुपए ऐंठ लिए। वह दिल्ली में पदस्थापित आइआरएस अधिकारी के समान नाम का फायदा उठाकर जोधपुर में एक कोचिंग संस्थान में 2.20 लाख रुपए प्रति माह तनख्वाह पर विद्यार्थियों को पढ़ा भी रहा था। रातानाडा थाना पुलिस ने मंगलवार को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

थानाधिकारी भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि वायुसेना क्षेत्र में मालवीय नगर निवासी धर्मेश जाट पुत्र लादूराम ने फर्जी आइआरएस विक्रमसिंह राठौड़ के खिलाफ आइएएस परीक्षा की कोचिंग करवाने के नाम सत्तर हजार रुपए ऐंठने का मामला दर्ज कराया। दिल्ली में पदस्थापित आइआरएस विक्रम सिंह राठौड़ ने भी पुलिस को फर्जी विक्रमसिंह राठौड़ के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत भेज रखी थी। उसके मिलते-जुलते नाम का फायदा उठाकर रातानाडा स्थित कोचिंग संस्थान में बतौर शिक्षक पढ़ाने का आरोप लगाया गया था।
इसलिए पुलिस ने एफआइआर दर्ज करते ही ओशो अपार्टमेंट निवासी फर्जी आइआरएस अफसर विक्रमसिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसके फर्जी आइआरएस होने की पुष्टि हो गई। ऐसे में विक्रमसिंह पुत्र जयसिंह राठौड़ को गिरफ्तार किया गया। उसने झुंझुनूं और जयपुर के विद्यानगर में रहने के परिचय पत्र भी बनवा रखे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी के पकड़े जाने के बाद ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं।

मर्सडीज कार का मालिक, तनख्वाह 2.20 लाख

मूल आइआरएस विक्रमसिंह राठौड़ दिल्ली में पदस्थापित है। किसी को संदेह होता तो वह समान नाम के चलते आइआरएस चयनित सूची में नाम दिखा देता था। आरोपी विक्रमसिंह राठौड़ खुद को आइआरएस अफसर बताकर रातानाडा के एक कोचिंग संस्थान में पिछले एक साल से विद्यार्थियों को पढ़ा रहा था। कोचिंग संस्थान उसे बतौर शिक्षक 2.20 लाख रुपए प्रति माह तनख्वाह दे रहा था। हकीकत में वह 43 प्रतिशत से स्नातक उत्तीर्ण है। मूलत: आइआरएस को इसका पता लगा तो उसने रातानाडा थाने को ऑनलाइन शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। वह मर्सडीज कार रखता है। यह कार उसकी है या किसी और की, इस बारे में जांच की जा रही है।


आइबी अफसर बन वसूली करते हुआ था गिरफ्तार

पुलिस का कहना है कि आरोपी विक्रमसिंह आइबी का फर्जी अफसर बन वर्ष 2014 में जयपुर में एक रेस्टोरेंट संचालक से वसूली करते पकड़ा गया था। एफआइआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा उसके खिलाफ दिल्ली में भी धोखाधड़ी की एक शिकायत होने का पता लगा है। जिसके संबंध में पुलिस तस्दीक कर रही है।

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