
प्रसिद्ध तेरहताली लोक नर्तकी मांगी बाई का निधन
जोधपुर. प्रख्यात तेरहताली नृत्यांगना मांगी बाई कामद का गुरुवार सुबह 97 वर्ष की आयु में उनके गांव पाली जिले के पादरला में निधन हो गया। वह संगीत नाटक अकादमी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता थी जिसे भारत के पूर्व राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने प्रदान किया था। वह अपने समुदाय की पहली महिला थीं, जिन्होंने 1955 से पद्म भूषण कोमल कोठारी के कुशल मार्गदर्शन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर व्यापक रूप से यात्रा और नृत्य कला का प्रदर्शन किया। पारंपरिक नृत्य शैली बाबा रामदेव के प्रति आस्था के रूप में कामद समुदाय की ओर से की जाती है। देवताओं की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में तेरहताली नर्तकों को कई धार्मिक आयोजनों, त्योहारों, विवाह आदि पर प्रदर्शन करने के लिए बुलाया जाता रहा है। उनके गीत अधिकतर दैनिक जीवन की गतिविधियों से संबंधित हैं और नृत्य में प्रयुक्त कई वस्तुओं में देवताओं की पूजा का महत्व है। वर्ष 1955 में तेरताली नृत्य के दौरान एक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ, नर्तकियों ने धर्म के ऐतिहासिक संदर्भ के बाहर सार्वजनिक दर्शकों के लिए प्रदर्शन करना शुरू किया। रूपायन संस्थान के सचिव कुलदीप कोठारी ने उनके निधन पर शोक जताया।
Published on:
23 Apr 2021 01:03 pm
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