
salaman khan poaching case
जोधपुर .पब्लिक पार्क में 4 अक्टूबर 1998 को फिल्म 'हम साथ-साथ हैंÓ की शूटिंग की अनुमति उपवन संरक्षक मांगीलाल सोनल ने दी थी। यह रहस्योद्घाटन वन विभाग के अधिकारी शिवचंद बोहरा तथा सोनल की जिरह के दौरान हुआ था। गवाह शिवचंद ने यह भी स्वीकार किया था कि सलमान व अन्य फिल्मी कलाकार पार्क में शूटिंग कर रहे थे, उस दौरान इस मामले के मुख्य अनुसंधान अधिकारी ललित बोड़ा तथा अन्य अधिकारी वहां मौजूद थे।यह बात सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने हिरण शिकार मामले की अंतिम बहस में कही।
झूठा मुकदमा पेश किया था
कथित हिरण शिकार की तारीख २ अक्टूबर १९९८ बताई गई व शूटिंग ४ अक्टूबर तक जारी रही। सारस्वत ने दलील दी कि बोड़ा ने जिरह में शूटिंग की अनुमति तथा फिल्मांकन की बात स्वीकार नहीं की थी। सारस्वत ने अदालत से आग्रह किया कि निर्णय से पूर्व मामले की केस डायरी मंगवाकर अवलोकन करना चाहिए। सारस्वत ने कहा कि जांच अधिकारी ने केवल सनसनी फैलाने के लिए सलमान, सैफ अली खान , नीलम, सोनाली, तब्बू आदि के विरुद्ध झूठा मुकदमा कोर्ट में पेश किया। उन्होंने अनुसंधान अधिकारी के इस मामले में संदेहास्पद कारणों से व्यक्तिगत रुचि लेने पर सवाल उठाए। बोड़ा ने 20 मार्च 2015 को मामले पैरवी करने के लिए निजी वकील नियुक्त किया। इसी तरह रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पूनमचंद विश्नोई ने भी अपना वकील नियुक्त कर रखा है जबकि इस प्रकरण की पैरवी के लिए राज्य सरकार ने काबिल अभियोजन अधिकारी नियुक्त किया हुआ है।
अंतिम बहस पूरी हो गई
इसके साथ ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के पीठासीन अधिकारी देवकुमार खत्री के न्यायालय में चल रहे काले हिरण शिकार मामले में सोमवार को बचाव पक्ष की ओर से सभी गवाहों के बयानों पर अंतिम बहस पूरी हो गई। अन्य बिंदुओं तथा कानूनी दृष्टांत पर बहस 24 जनवरी से होगी। अंतिम बहस के दौरान अन्य आरोपी के अधिवक्ता केके व्यास, मनीष सिसोदिया तथा सरकार की ओर से नियुक्त विशिष्ट लोक अभियोजक भवानीसिंह भाटी उपस्थित थे।
Published on:
23 Jan 2018, 9:44 AM IST
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