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थानों में आनाकानी तो एसपी ऑफिस में दर्ज होगी एफआइआर

- एसपी के समक्ष पेश परिवादी को दूर दराज के थानों में जाने से बचाने की कवायद- ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ा अपराध का ग्राफ

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जोधपुर.
प्रत्येक शिकायत पर एफआइआर दर्ज करने के आदेश के बाद जोधपुर जिला ग्रामीण पुलिस के पुलिस स्टेशनों में गत वर्ष बारह माह में ४१०९ मामले दर्ज हो चुके हैं। यह संख्या वर्ष २०१८ की तुलना में १२५९ यानि ४४.१४ प्रतिशत अधिक है।
इसके बावजूद दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से फरियादी एफआइआर दर्ज न होने पर प्रतिदिन शहर में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कार्यालय पहुंच रहे हैं। फरियादियों को एफआइआर दर्ज कराने के लिए दुबारा दूर दराज के थानों में न भेजकर एसपी कार्यालय में ही संबंधित थाने के मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल बारहठ के अनुसार वर्ष २०१९ में अपराध का ग्राफ बढ़ा है। वर्ष २०१७ में आइपीसी की धाराओं में २९४२ मामले दर्ज हुए थे। जो वर्ष २०१८ में घटकर २८५० पर आ गए थे, लेकिन वर्ष २०१९ में यह आंकड़ा बढक़र ४१०९ तक पहुंच गया।
१८ हजार किलो से अधिक डोडा, ३३ कट्टे और ९६ कारतूस जब्त
नववर्ष में अवैध हथियार व मादक पदार्थों के साथ सडक़ हादसों में कमी लाना सबसे पहली प्राथमिकता है। जिले में वर्ष २०१९ में आम्र्स एक्ट के ३७ मामले दर्ज कर २५ बंदूक, ८ देशी कट्टे/पिस्तौल व ९६ कारतूस जब्त किए गए। इनके अलावा १८ हजार, ६४९ किलो डोडा पोस्त, अफीम का १३.८ किलो दूध, ३२ ग्राम स्मैक, २५० ग्राम गांजा जब्त किया गया। ६७.७ किलो अफीम नीमच की सरकारी फैक्ट्री में जमा कराई जा चुकी है।

एमपी के धार से आ रहे हथियार
ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश बदमाश व अपराधी हथियारों से लैस हैं और आए दिन फायरिंग कर पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। पुलिस ने सालभर में अवैध हथियार रखने के ३७ मामले दर्ज किए हैं। अब भी बदमाशों के पास बड़ी संख्या में अवैध हथियार होने का अंदेशा है। अवैध हथियारों की खेप मध्यप्रदेश के धार जिले से लाई जा रही है।

जिला विशेष टीम का गठन
पुलिस महानिदेशक के आदेश पर ग्रामीण पुलिस की जिला विशेष टीम (डीएसटी) का पुर्नगठन किया गया है। एसपी के अपराध सहायक (सीए) नरेन्द्र पूनिया टीम के प्रभारी बनाए गए हैं।