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video : कैलाश की शह पर जेल में बंद शूटर ने चलवाई थी गोलियां

हिस्ट्रीशीटर के मकान पर फायरिंग का मामला, होली से कुछ दिन पहले फिर मिली थी दिनेश को धमकी  

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दोनों शूटर व कैलाश की तलाश में पुलिस की छापेमारी, व्हॉट्सऐप कॉलिंग से रची साजिश

जोधपुर . रंगदारी के लिए सरदारपुरा सी रोड पर मोबाइल व्यवसायी वासुदेव की गोली मारकर हत्या के छह माह बाद शहर में एक बार फिर फायरिंग कर बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। लाखों रुपए के लेनदेन को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद में पीठ पर गोली मारने के आठ महीने बाद हिस्ट्रीशीटर दिनेश बम्बानी के श्रीराम नगर स्थित मकान पर गोलियां चलाने के मामले में फिर हार्डकोर कैलाश मांजू की साजिश सामने आई है। उसकी शह पर जोधपुर जेल में बंद चचेरे भाई ने अपने निकट रिश्तेदार की मदद से हिस्ट्रीशीटर के मकान पर गोलियां चलवाई थी। पुलिस ने शूटर की पहचान कर तलाश में टीमें गठित की है। फिलहाल कोई भी पकड़ में नहीं आया है।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) समीरकुमार सिंह ने बताया कि दिनेश बम्बानी के मकान पर फायरिंग हार्डकोर कैलाश मांजू की शह पर कराई गई थी। बम्बानी पर गोली चलाने के आरोप में कैलाश का चचेरा भाई राकेश मांजू जोधपुर जेल में बंद है। उसी ने जेल में बैठे-बैठे इंटरनेट व व्हॉट्सऐप कॉलिंग से गोलियां चलाने की साजिश रची। गोली चलाने वाला शूटर राकेश का निकट रिश्तेदार है। जिसकी तलाश के लिए टीमें गठित की गई है। फिलहाल कोई भी पकड़ में नहीं आया है। गत तेरह जुलाई को दिनेश बम्बानी पर राकेश ने ही गोली चलाई थी और इस आरोप में ही जेल में बंद है। उसके साथ गिरफ्तार होने वाले रामनिवास, नारायणराम व ओमप्रकाश खिलेरी जमानत पर रिहा हो चुके हैं। चौहाबो थानाधिकारी देवेन्द्र सिंह ने बताया कि होली से कुछ दिन पूर्व किसी के माध्यम से बम्बानी को जान से मारने की धमकी भेजी गई थी।

घर के पास कपड़े से मुंह बांधा शूटरों ने

बम्बानी के मकान पर लगे सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि मोटरसाइकिल पर दो युवक रात में वहां पहुंचे। दो-तीन चक्कर लगाने के बाद उन्होंने कपड़े से अपने मुंह ढंके और फिर एक युवक ने बम्बानी के मकान पर दो गोलियां चलाई। उस समय बम्बानी की पत्नी व बच्चे ही घर पर थी। कुछ देर बाद घर लौटे बम्बानी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के हरकत में आने तक दोनों शूटर गायब हो चुके थे।

 


परिवार के साथ गायब है केएम

मूलत: बालेसर थानान्तर्गत भाटेलाई पुरोहितान हाल मानसरोवर निवासी कैलाश मांजू जिले के मोस्टवांटेड में शुमार है। वह परिवार के साथ गायब है। वह पूर्व में सरपंच रह चुका है। उसकी पत्नी सरपंच होने के नाते कभी-कभार गांव आती है। बच्चे अज्ञात जगह पर हैं। पुलिस कई बार उसके ठिकानों पर छापे मार चुकी है, लेकिन वह दो साल से हाथ नहीं आ रहा है।

 

इंटरनेट कॉलिंग के आगे बेबस पुलिस

पुलिस का दावा है कि कैलाश व उसकी गैंग इंटरनेट कॉलिंग व व्हॉट्सऐप कॉलिंग से एक-दूसरे के सम्पर्क में है। जेल में बंद राकेश मांजू ने इसी के जरिए गोलियां चलाने की साजिश रची है। इस कॉलिंग को ट्रैस करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर है। यही वजह है कि वह दो साल से पुलिस को चकमा दे रहा है।