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LIVER TRANSPLANT : प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में पहला लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट

एम्स जोधपुर की बड़ी उपलब्धि : 49 वर्षीय बीमार पिता को 21 साल के बेटे ने दिया अपने लीवर का हिस्सा10 घंटे चला ऑपरेशन50 डॉक्टरों की टीम जुटीजोधपुर. एम्स जोधपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम ने इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायिलरी साइंसेज, नई दिल्ली के सहयोग से पश्चिमी राजस्थान में पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया। एम्स का दावा है कि राजस्थान में सरकारी क्षेत्र में यह पहला सफल लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट (एलडीएलटी) है।

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LIVER TRANSPLANT : प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में पहला लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट

LIVER TRANSPLANT : प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में पहला लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट

मरीज जोधपुर शहर निवासी 49 वर्षीय पुरुष लीवर खराब होने के कारण काफी समय से बीमार है। अन्य अनगिनत केंद्रों और डॉक्टरों के पास जाने और अच्छी खासी रकम खर्च करने के बाद उसे एम्स, जोधपुर में डॉक्टरों की टीम ने लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी। उनके 21 वर्षीय बेटे ने अपने लीवर का एक हिस्सा अपने बीमार पिता को दान किया।

कई जांचों के बाद जटिल ऑपरेशन

परीक्षणों की एक शृंखला के बाद, 10 घंटे लंबे, जटिल ऑपरेशन को 11 फरवरी 2023 को सफलतापूर्वक किया गया। टीम में 50 से अधिक चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल थे, जिनमें सर्जन, हेपेटोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट, नर्सिंग अधिकारी और तकनीशियन शामिल थे

टीम में ये विशेषज्ञ

प्रोफेसर शिव कुमार सरीन की ट्रांसप्लांट सर्जिकल टीम जुटाने में प्रमुख भूमिका रही। प्रोफेसर विनियेंद्र पामेचा के नेतृत्व वाली इस टीम में डॉ. निहार रंजन महापात्र और डॉ. अनुभव पंवार शामिल थे। लिवर प्रत्यारोपण सर्जरी करने वाले प्रमुख सर्जन प्रोफेसर विनियेंद्र पामेचा थे। डॉ. वैभव वाष्र्णेय, डॉ. सुभाष सोनी, डॉ. सेल्वाकुमार बी, डॉ. पीयूष वाष्र्णेय, डॉ. लोकेश अग्रवाल, डॉ. गौरव सिंधवानी, डॉ. सरवनन मुथुसामी, डॉ. प्रदीप भाटिया, डॉ. निखिल कोठारी, डॉ अंकुर शर्मा तथा डॉ. तन्वी मेश्राम सहित चिकित्सा स्टाफ का सक्रिय सहयोग रहा।

नि:शुल्क उपचार

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (आयुष्मान योजना) और मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तत्वावधान में एम्स जोधपुर में लीवर प्रत्यारोपण नि:शुल्क किया जाता है। एम्स के उप निदेशक (प्रशासन) एन. आर. बिश्नोई का कहना है कि मरीज गहन निगरानी में अभी भी आईसीयू में है और धीरे-धीरे ठीक हो रहा है।

आशा की नई किरण

एम्स जोधपुर में यह लिवर प्रत्यारोपण क्रोनिक लिवर की बीमारियों से पीडि़त कई लोगों, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आशा की किरण लेकर आया है।

- प्रो. (कर्नल) सी.डी.एस. कटोच, कार्यकारी निदेशक, एम्स जोधपुर

शराब के बढ़ते सेवन और मोटापे के कारण भारत में क्रोनिक लिवर रोग के रोगियों को लिवर प्रत्यारोपण की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है।

- प्रो. एम.के. गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक, एम्स जोधपुर