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शहर को झकझोर देने वाले दो हादसों के बाद जागा निगम, घरों में चल रहे पांच अवैध गोदाम सीज

पत्रिका की खबरों के बाद चेत रहा नगर निगम

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शहर को झकझोर देने वाले दो हादसों के बाद जागा निगम, घरों में चल रहे पांच अवैध गोदाम सीज

हाथीराम का ओडा क्षेत्र में कार्रवाई

जोधपुर . शहर जोन के नगर निगम अतिक्रमण दस्ते ने गुरुवार को हाथीराम ओडा क्षेत्र में पांच अवैध गोदाम सीज कर दिए। शहर जोन उपायुक्त बीएस सांदू के निर्देश पर अतिक्रमण दस्ते ने हाथीराम ओडा क्षेत्र में नवीन के बैग व प्लास्टिक गोदाम, घनश्याम के साइकिल गोदाम, भीमराज के चाय पत्ती के गोदाम, मोतीलाल के बीडी-सिगरेट गोदाम और प्रमोद के बीडी के गोदाम को सीज किया। उल्लेखनीय है कि गत सोमवार को हाथीराम का ओडा क्षेत्र में एक प्लास्टिक गोदाम में आग लग गई थी।

'पत्रिका' में रिहायशी इलाकों में अवैध गोदामों को लेकर प्रकाशित खबरों के बाद हरकत में आए नगर निगम ने अवैध गोदामों व बिना अनुमति के चल रहे निर्माण पर शिकंजा कसना शुरू किया है। कई व्यापारी भी रिहायशी इलाकों से गोदाम खाली कर माल को इधर-उधर रखवाने में जुट गए हैं।


वार्ड निरीक्षक स्तर पर दब रहे कई मामले

भीतरी शहर के कई प्रमुख बाजारों में अवैध निर्माण व गोदामों की भरमार हंै। इन जगहों पर वार्ड निरीक्षकों को नगर निगम के अधिकारियों को सूचना देनी होती है, लेकिन ज्यादात्तर जगहों पर वार्डों के निरीक्षक ही नगर निगम कार्यालय तक सूचना नहीं पहुंचाते। भीतरी शहर के मिर्ची बाजार से लेकर कटला बाजार व आसपास की गलियों में धड़ल्ले से अवैध निर्माण व गोदाम संचालित हो रहे हैं। मेहता मार्केट जैसे इलाकों में दुकानों के साथ ऊपर गोदाम संचालित किए जा रहे हैं। जबकि यहां बड़े स्तर पर कपड़े का व्यापार होता है। कई जगह बिना अनुमति के अवैध निर्माण कर दिए गए हैं। जबकि त्रिपोलिया जैसे तंग रहवासियों इलाकों में भी खूब कॉमर्सियल प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। जबकि इनके निर्माण के समय वार्ड निरीक्षक निगम कार्यालय में आकर शिकायत तक नहीं करते।

तंग गलियां, ऊपर से अतिक्रमण
भीतरी शहर के बाजार वाले इलाकों में अतिक्रमण भी खूब हैं, लेकिन यहां नगर निगम के दस्ते बहुत कम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हैं। कई स्थानों पर व्यापारियों ने प्रतिष्ठान के बाहर अपने सामान रख दिए हैं। ऐसे में ऑटो रिक्शा जैसे वाहन बड़ी मुश्किल से बाजारों से होकर गुजरते हैं। आपात की स्थिति में कई वैन एंबुलैंस को जाने का रास्ता तक नहीं मिलता। लोडिंग टैक्सियां निर्धारित समय से पहले ही बाजारों में घुस जाती है। इन समस्याओं के चलते आए दिन यातायात जाम हो जाता है।