चूंकि जेल में साथ रहने के कारण लॉरेंस व पवन सोलंकी में सांठ-गांठ हो चुकी थी। इसलिए मुख्य शूटर हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट, शुभम वीर शर्मा उर्फ मंत्री, काका पिस्तौली, काली राजपूत और सुरेश अप्रेल-मई में लॉरेंस से मिलने के बहाने जब जोधपुर आए थे तो पवन से सम्पर्क किया था। उसी ने पांचों को माता का थान परिहार नगर अस्सी फीट रोड स्थित कूलर बनाने की फैक्ट्री में छुपाया था, जहां वे करीब एक सप्ताह तक रहे। इस दौरान पवन ने उन्हें जोधपुर के पर्यटन स्थल का भ्रमण भी कराया था।