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गैंगस्टर लॉरेंस के गुर्गों ने जोधपुर में सप्ताहभर घूमने-फिरने के बाद खेला था खूनी खेल, ये बातें आई सामने

मण्डोर थाने के हिस्ट्रीशीटर ने शास्त्रीनगर थाना पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा किया है।

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जोधपुर . रंगदारी वसूलने को दहशत फैलाने के लिए सत्रह मार्च की तड़के पाल रोड पर समन्वय नगर और सेक्टर सात स्थित मकान पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने के एक.डेढ़ महीने बाद लॉरेंस के पांच गुर्गे न सिर्फ एक सप्ताह तक जोधपुर में ठहरे थेए बल्कि उसे जोधपुर के पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया गया था। इन सबके बावजूद जोधपुर पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई थी। मण्डोर थाने के हिस्ट्रीशीटर ने शास्त्रीनगर थाना पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा किया है। पुलिस ने उसे शुक्रवार को दुबारा गिरफ्तार किया।

उप निरीक्षक राजूराम ने बताया कि सत्रह मार्च की सुबह सेक्टर सात निवासी मनीष जैन के मकान पर फायरिंग व मर्सडीज को आग लगाने के मामले में मण्डोर थाने के हिस्ट्रीशीटर पवन सोलंकी को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। फोन पर डरा-धमकाकर 1.70 लाख रुपए मांगने के मामले में मण्डोर थाना पुलिस ने उसे गुरुवार को न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया गया है। अब तक की पूछताछ में सामने आया कि सत्रह मार्च को फायरिंग करने के बाद पुलिस तीस मार्च को लॉरेंस को पंजाब से पकड़कर जोधपुर लाई थी। फिर उसे जोधपुर जेल भेज दिया गया था।

जेल में हुई थी सांठ-गांठ


चूंकि जेल में साथ रहने के कारण लॉरेंस व पवन सोलंकी में सांठ-गांठ हो चुकी थी। इसलिए मुख्य शूटर हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट, शुभम वीर शर्मा उर्फ मंत्री, काका पिस्तौली, काली राजपूत और सुरेश अप्रेल-मई में लॉरेंस से मिलने के बहाने जब जोधपुर आए थे तो पवन से सम्पर्क किया था। उसी ने पांचों को माता का थान परिहार नगर अस्सी फीट रोड स्थित कूलर बनाने की फैक्ट्री में छुपाया था, जहां वे करीब एक सप्ताह तक रहे। इस दौरान पवन ने उन्हें जोधपुर के पर्यटन स्थल का भ्रमण भी कराया था।

पुलिस हाथ-पांव मारती रही, शूटर शहर में घूमकर निकल गए


दो मार्च को ट्रैवल्स कम्पनी में हथियार लेकर घुसने व फायरिंग का प्रयास किया गया था। सत्रह मार्च को समन्वय नगर में डॉ सुनील चाण्डक व सेक्टर सात स्थित मनीष जैन के मकान पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इन मामलों में पुलिस ने लॉरेंस को पंजाब जेल से गिरफ्तार किया, लेकिन हरेन्द्र व साथियों की धरपकड़ के लिए जोधपुर जिले के साथ ही पंजाब व हरियाणा तक हाथ-पांव मारे। वहीं, फरारी काटकर लॉरेंस के गुर्गे जोधपुर तक आ गए और सप्ताहभर तक रूक कर लौटे थे। इनको तलाश कर रही जोधपुर पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई थी।

गोली मारने वाला बीस दिन बाद भी गिरफ्त से दूर


सरदारपुरा सी रोड पर वासुदेव इसरानी को गोली मारने के मामले में पुलिस आठ युवकों को पकड़ चुकी है लेकिन गोली मारने वाला भीमसागर गांव निवासी भोमाराम विश्नोई व उसे टास्क देने वाला हरेन्द्र का बीस दिन बाद भी सुराग नहीं है। सरदारपुरा थाना पुलिस ने रिमाण्ड पर चल रहे भोमाराम विश्नोई के बड़े भाई पूनमचंद को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया। जबकि नरपत जोशी व हरीश प्रजापत को कोर्ट में पेश कर चार-चार दिन रिमाण्ड पर लिया गया है। राजस्थान पत्रिका की खबर की पुष्टि राजस्थान पत्रिका ने 22 सितम्बर को प्रथम पृष्ठ पर लॉरेंस से मिलने जोधपुर में रूके थे दोनों शूटर्स शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर जोधपुर पुलिस की नाकामी को उजागर किया था। अब पवन से पूछताछ में यह पुष्टि भी हो चुकी है।