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हमें बर्बाद करने के और भी तरीके हैं उन्हें मोहब्बत का ख्याल क्यों आया

  -गोविन्दम वाटिका में गजल गायन ने श्रोताओं को किया मोहित

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हमें बर्बाद करने के और भी तरीके हैं उन्हें मोहब्बत का ख्याल क्यों आया

हमें बर्बाद करने के और भी तरीके हैं उन्हें मोहब्बत का ख्याल क्यों आया

जोधपुर. हमें बर्बाद करने के और भी तरीके हैं उन्हें मोहब्बत का ख्याल क्यों आया...वो दिल कहां से लाऊं जो तेरी याद भुला दे... अपना दिल पेश करूं या अपनी जान कुछ समझ नहीं आता क्या पेश करूं... जो तेरे दिल को लुभा ले वह अदा मुझ पर नहीं, आंधियां गम की चलेगी तो संवर जाऊंगा...।

कुछ ऐसे ही गजलों ने श्रोताओं को मोहित कर दिया। मौका था गोविंद गंगा संस्थान के तत्वावधान में शनिवार शाम को गोविंदम वाटिका में आयोजित गजल कार्यक्रम का। भोपाल से आए प्रसिद्ध गजल गायक दिवाकर मीणा ने शाम की फिजाओं में गजल का रस घोल दिया। उपस्थित लोग तालियां बजाकर वाह-वाह कर उठे। देर तक श्रोता गजलों के रस में डूबे रहे। कार्यक्रम में तबले पर सफात हुसैन, कीबोर्ड लक्ष्मीकांत गोमती, सारंगी उस्ताद लियाकत अली खान, सितार पर अल्लारखा खां ने संगत की।

यह रहे उपस्तिथ
शहर विधायक मनीषा पंवार, कमलेश पुरोहित, कुंती देवड़ा, शिवकुमार सोनी, हरि जोशी, पुखराज जांगिड़, संस्थान अध्यक्ष मनोहरलाल खत्री, सचिव राकेश पुरोहित, संयोजक दीपक सोनी सहित कई लोग मौजूद थे। संचालन डॉ पूजा राजपुरोहित ने किया।