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जोधपुर

jodhpur: सारण नगर ओवरब्रिज के नीचे बन गई कच्ची झोंपडियां

शहर की ट्रेफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए ओवरब्रिज का निर्माण किया गया, ट्रेफिक व्यवस्था ने सुधार भी आया, लेकिन इन ओवरब्रिज के नीचे के स्थान को संवारने को लेकर न तो सरकार ने सोचा और न ही जोधपुर विकास प्राधिकारण ने। नतीजा, ओवरब्रिज के नीेचे के खुले पड़े स्थान पर लोग मनचाहे तरीके से कब्जे करते रहे और इन ओवरब्रिज के पास से गुजरने से भी लोग गुरेज कर रहे हैं।

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जोधपुर. शहर की ट्रेफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए ओवरब्रिज का निर्माण किया गया, ट्रेफिक व्यवस्था ने सुधार भी आया, लेकिन इन ओवरब्रिज के नीचे के स्थान को संवारने को लेकर न तो सरकार ने सोचा और न ही जोधपुर विकास प्राधिकारण ने। नतीजा, ओवरब्रिज के नीेचे के खुले पड़े स्थान पर लोग मनचाहे तरीके से कब्जे करते रहे और इन ओवरब्रिज के पास से गुजरने से भी लोग गुरेज कर रहे हैं। शहर में बने ओवरब्रिज से भले ही शहर का सौंदर्यीकरण हो गया, लेकिन इन ब्रिज के नीचे के स्थान इन ओवरब्रिज की सुंदरता को पर बदनुमा दाग साबित हो रहे है। कई ओवरब्रिज के नीचे रात को महखाने चल रहे है, तो कई लोगों ने इन स्थानों को कबाड़ रखने की जगह बना दी है तो कई लोगों ने तो कच्ची झोंपडियां और अपनी दुकानें तक बना दी और यही से अपने कामकाज भी संचालित कर रहे हैं।

सारण नगर ओवरब्रिजमाता के थान रोड से बनाड़ रोड को जोड़ने वाले सारण नगर ओवरब्रिज के बनने के बाद यातायात व्यवस्था में तो सुधार हुआ, लेकिन इस ओवरब्रिज के नीचे जो स्थान पड़ा है उसकी ओर किसी की नजर नहीं गई। कुछ वषोंर् पूर्व बने इस ओवरब्रिज के नीचे अब कुछ लोगों ने कच्ची झोंपडि़यों का निर्माण कर लिया है। इतना ही इन झोपडि़यों में रहने वाले लोग दिनभर में जो कचरा बीनकर लाते है उसे यहां पर रखते है और पूरा परिवार इस कार्य में लगकर शाम को कचरे के पैकेट बनाकर यहां से ही बेचने का कार्य करते है। यूं कहे कि यहां पर ही इन लोगों ने अपनी दुकानें लगाकर कामकाज शुरू कर दिया है। इस पूरे एरिया को इन लोगों ने कचरे के ढ़ेर से ढ़क दिया है। इसके चलते आस-पास के लोगों का यहां से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। इस ओर न तो प्रशासन का ध्यान जा रहा है और न ही जेडीए का।