जोधपुर।
बजरी खनन के लिए भले ही लीज जारी कर दी गई हो, लेकिन लीज धारक ही बजरी के खनन और परिवहन में रोजाना लाखों रुपए की रॉयल्टी चोरी कर राजस्व को चूना लगा रहे हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद खनिज, पुलिस व परिवहन विभाग ने आंखें मूंदी तो मोबाइल मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमावत ने बुधवार को गुड़ा बिश्नोइयान में ओवरलोड बजरी से भरे दो ट्रेलर जब्त किए। इनके पास 37-37 टन बजरी के ई-रवन्ना थे, लेकिन वजन कराया गया तो एक ट्रेलर में 97 टन और दूसरे में 91 टन बजरी भरी होने का पता लगा। यानि सिर्फ दो ट्रेलर में 57 हजार रुपए की ओवरलोड बजरी का परिवहन पाया गया।
अंदेशा : लाखों रुपए प्रतिदिन राजस्व नुकसान
मोबाइल मजिस्ट्रेट की कार्रवाई में दोनों ट्रेलर को 74.56 मैट्कि टन बजरी के ई-रवन्ना जारी किए गए थे। पांच सौ रुपए प्रति टन के हिसाब से रॉयल्टी वसूली जाती हे। जबकि इनमें 189.58 मैट्रिक टन बजरी भरी थी। यानि 115.02 टन अधिक बजरी थी। रॉयल्टी दर के हिसाब से सिर्फ दो ट्रेलर से सरकार को 57 हजार 510 रुपए का नुकसान हुआ है। जबकि सिर्फ जोधपुर जिले में रोजाना ऐसे दो सौ से अधिक ट्रेलर-डम्पर बजरी भरकर निकलते हैं।
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केस : 1
मोबाइल मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमावत ने बुधवार को गुड़ा बिश्नोइयान गांव में बजरी से भरा ट्रेलर पकड़ा। कांकाणी के धर्म कांटे पर भेजकर वजन कराया गया तो उसमें 97.98 मैट्रिक टन बजरी भरी होने का पता लगा। लीज धारक की ओर से जारी ई-रवन्ना में सिर्फ 37.53 मैट्रिक टन बजरी ही अंकित थी। ट्रेलर में 60.45 मैट्रिक टन बजरी अधिक भरी हुई थी। पांच सौ रुपए की दर से आंकलन करें तो सरकार को 30,225 रुपए को रॉयल्टी चूना लगाया जा रहा था।
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केस : 2
मोबाइल मजिस्ट्रेट की कार्रवाई में बजरी से भरे दूसरे ट्रेलर का वजन कराया गया तो उसमें 91.6 मैट्रिक टन बजरी होने की पुष्टि हुई। जबकि इस ट्रेलर का ई-रवन्ना सिर्फ 37.03 मैट्रिक टन बजरी का ही जारी किया गया था। यानि ट्रेलर में 54.57 टन बजरी ओवरलोड भरी हुई थी। दोनों ही ट्रेलर भाखरी गांव से बजरी भरकर झुंझुनूं जा रहे थे। इस ट्रेलर से सरकार को 27,285 रुपए का रॉयल्टी नुकसान पहुंचाया जा रहा था। मोबाइल मजिस्ट्रेट ने दोनों ट्रेलर जब्त कर विवेक विहार थाने में खड़े कराए हैं।