
शिक्षक की मेहनत से सुधरी सरकारी स्कूल की काया, दे रहा निजी स्कूल को टक्कर
जोधपुर. कहते हैं कि मन में कुछ करने का जज्बां हो तो पत्थर को भी मनमोहक मूर्त बनाया जा सकता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पीपरलाई सालवा कल्ला (मंडोर) के प्रधानाध्यापक ने। दानदाताओं को प्रेरित कर उन्होंने विद्यालय में 20 लाख से अधिक के विकास कार्य करवाए। जिसके चलते आज यह विद्यालय निजी स्कूलों को भी टक्कर दे रहा है। इस सरकारी विद्यालय में बच्चों के खेलने के लिए मैदान है। उद्यान विकसित हो रहा है। विद्यार्थियों के बैठने के लिए टेबल-कुर्सी, साफ-सुधरा रसोईघर तो स्कूल की चारदीवारी व दीवारों पर राजस्थानी संस्कृति की जानकारी देती हुई चित्रकारी की हुई है। इसके साथ ही स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए अलग से लेटबॉथ है। स्कूल के प्रधानाध्यापक भागीरथ भांदू का कहना है कि उनका सपना है उनकी स्कूल में सभी कक्षाएं बच्चों से भरी रहे। परिजन अपने बच्चों को निजी की अपेक्षा सरकारी स्कूल में पढऩे भेजे एेसी उनकी सोच विकसित करना है। स्कूल के प्रधानाध्यापक भागीरथ भांदू ने बताया कि 25 अप्रेल 2018 को उन्होंने स्कूल जॉइन किया था। तब विद्यालय की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी। नामांकन बढ़ाने के लिए वे शिक्षकों के साथ गांव में घूमे। फिर दानदाताओं को प्रेरित कर स्कूल की टपकती छत मरम्मत करवाने से लेकर रंगरोगन आदि करवाया। पिछले करीब दो वर्ष में दानदाताओं, ग्राम पंचायत व रोटरी क्लब ऑफ पदमिनी के सहयोग से स्कूल विकास पर 20 लाख से अधिक राशि खर्च हुई है। जिससे की विद्यालय स्थिति सुधरी।
दानदाताओं के सहयोग से करवाए यह कार्य
- स्कूल की टपकती छत की मरम्मत।
- विद्यार्थियों के बैठने के लिए टेबल-कुर्सी की व्यवस्था करवाई।- विद्यालय का रंगरोगन करवाया।
- स्कूल की चारदीवारी पर राजस्थान की संस्कृति से अवगत करवाने वाले चित्र व बच्चों के उपयोगी जानकारी लिखवाई।
- शहीदों व महापुरुषों के नाम से कक्षा-कक्षों के नाम रखे।
- बालक-बालिकाओं के लिए अलग से लेटबॉथ बनवाए।
- स्कूल परिसर में इंटरलॉकिंग टाइल्स ग्राम पंचायत के सहयोग से लगवाई।
- विद्यालय में स्टेज बनवाया।
- स्कूल में बच्चों के लिए उद्यान विकसित करने के लिए हरी घास लगवाई।
Published on:
23 Aug 2020 12:00 am
