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जेएनवीयू में शिक्षक भर्ती रद्द करने के राज्यपाल ने दिए निर्देश, अब सिर्फ 102 शिक्षकों के भरोसे विवि

कुलपति रिपोर्ट लेकर जयपुर पहुंचे, तीन सदस्यीय कमेटी को जल्दी जांच करने के आदेश  

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गजेंद्र सिंह दहिया/जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में 2012-13 में हुई 154 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने को लेकर राजभवन ने सोमवार को विवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. राधेश्याम शर्मा को व्यक्तिगत तौर पर जयपुर बुलाया। प्रो. शर्मा ने इस संबंध में अब तक हुई प्रगति की रिपोर्ट दी। सूत्रों के मुताबिक कुलाधिपति व राज्यपाल कल्याण सिंह ने प्रो. शर्मा को यह भर्ती जल्द से जल्द रद्द करने के आदेश दिए हैं। कुलपति ने अपने जवाब में कहा कि उन्होंने इस संबंध में अंतिम तौर पर तीन प्रोफेसर्स की जांच कमेटी बनाई है जो शीघ्र ही रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के साथ ही पिछले पांच साल से विवि में पढ़ा रहे 154 शिक्षक की नियुक्तियां निरस्त होने की उम्मीद है।


उधर शिक्षक भर्ती घोटाले में शामिल शिक्षकों को विवि के ही कुछ अधिकारियों ने राजभवन से आए निर्देश और उनके साथ नत्थी की हुई कोटा विवि के पूर्व कुलपति प्रो. पीके दशोरा कमेटी की रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध करवा दी। ये शिक्षक सोमवार शाम 5 बजे विवि के केंद्रीय कार्यालय में इकठ़्ठा हुए। इन्होंने रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट जाने की रणनीति बनाई ताकि भर्ती प्रक्रिया को कोर्ट से स्टे मिल सके।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही राजभवन ने विवि को पत्र भेजकर 2012-13 के शिक्षक भर्ती घोटाले पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे। पत्र के साथ प्रो. दशोरा कमेटी की रिपोर्ट भी है जिसका गठन उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती जांच के लिए किया था। कमेटी की जांच में शिक्षक भर्ती में भारी गड़बडिय़ां सामने आई थी। विवि के गलत ऑर्डिनेंस से लेकर कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज फर्जी मिले। राजभवन ने इसके अलावा फर्जी शिक्षकों का चयन करने वाले इंटरव्यू बोर्ड में शामिल विवि के अन्य शिक्षकों, एकेडमिक काउंसिल, सिण्डीकेट सदस्यों पर कार्रवाही करने और दोषियों से फाइनेंशियल रिकवरी के भी आदेश दिए हैं।

कमेटी ने शुरू की जांच

प्रो. राधेश्याम शर्मा ने राजभवन के पत्र पर अंतिम रिपोर्ट देने के लिए विवि के गणित विभाग के प्रो. आरके यादव, सिण्डीकेट सदस्य प्रो. रवि सक्सेना और एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रो. रजत भागवत की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी ने काम शुरू कर दिया। कमेटी सभी 154 शिक्षकों के दस्तावेज जांचने के अलावा एकेडमिक काउंसिल और सिण्डीकेट सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है।

अब विवि की सेवा में 102 शिक्षक ही

विवि ने फरवरी 2013 में 154 शिक्षकों की भर्ती की। इसमें से 111 असिस्टेंट प्रोफेसर, 26 एसोसिएट प्रोफेसर और 17 प्रोफेसर थे। इसमें से करीब 50 शिक्षक अब तक विवि से हट चुके हैं। अगले दिनों में विवि भर्ती निरस्त करेगा तो सीधे तौर पर 104 शिक्षक विवि की सेवा से हटेंगे। प्रोफेसर पद पर चयनित हुए 17 शिक्षकों में से 6 शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसमें अर्थशास्त्र के डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा, हिंदी के डॉ. सत्यनारायण, इतिहास के डॉ. कांतिलाल माथुर, संस्कृत की डॉ. प्रभावती चौधरी, लेखा विभाग के डॉ. गणपतलाल मालोडिया और डॉ. मांगीलाल वढेरा शामिल है। इसके अलावा विवि में वनस्पति शास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नरपतसिंह शेखावत ने प्रोफेसर पद पर ज्वॉइन ही नहीं किया। हालांकि वे भी अब सेवानिवृत्त हो गए। एसोसिएट प्रोफेसर के 26 पदों में से विधि संकाय के डॉ. मोहम्मद तारीक विवि छोड़कर जा चुके हैं। चयनित 111 असिस्टेंट प्रोफेसर में से विवि 36 शिक्षकों को बर्खास्त कर चुका है। अंग्रेजी विभाग के मोहित व श्वेता मीणा छोड़कर जा चुके हैं। संगीत विभाग की रागिनी सरना व सुरेंद्र कुमार, वनस्पति विज्ञान विभाग के हाथीराम, राजनीति विज्ञान की मोनिका पंवार और गृह विज्ञान की ज्योति मीणा ने स्वयं ही विवि छोड़ा।

60 शिक्षक अग्रिम जमानत पर

शिक्षक भर्ती घोटाले में एसीबी ने केस दर्ज कर रखा है। इस मामले में अब तक 11 जनों की गिरफ्तार हो चुकी है। ब्यूरो की ओर से 70 शिक्षकों के नाम चालान में है। एसीबी की गिरफ्तारी से बचने के लिए विवि के करीब 60 शिक्षक अग्रिम जमानत पर चल रहे हैं।