
Gujarat: गुजरात फॉरेंसिंक साइंस यूनिवर्सिटी का ऑफ कैंपस जोधपुर में
जोधपुर. Gujarat स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) का ऑफ कैंपस जोधपुर स्थित सरदार पटेल पुलिस सुरक्षा एवं दांडिक न्याय विश्वविद्यालय में खोला जाएगा। इसके लिए police university अपने कैंपस में एनएफएसयू को 15 एकड़ जमीन देगा। साथ ही आधारभूत संरचना विकास में भी मदद करेगा। फैकल्टी, लेबोरेटरी और रिसोर्सेस का इंतजाम एनएफएसयू स्वयं करेगा। गत वर्ष एनएफएसयू ने गोवा और महाराष्ट्र में ऑफ कैंपस शुरू किए हैं। इसकी योजना देश के 10 राज्यों मणिपुर, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, गोवा, उड़ीसा, असम, राजस्थान और मध्य प्रदेश में ऑफलाइन कैंपस खोलकर फॉरेंसिक साइंस सुविधाओं का विस्तार करना है। इसके अलावा देश में 20 प्रशिक्षण केंद्र और विदेश में भी पांच कैंपस खोले जाएंगे। जोधपुर में एनएफएसयू कैंपस शुरू होने के बाद पुलिस की आपराधिक जांच प्रक्रिया और न्यायिक कार्य में तेजी आएगी। एनएफएसयू गुजरात फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री से जुड़ी है जिसने देश के कई बड़े आपराधिक मामलों निठारी सीरियल हत्याकांड, आरुषि मर्डर केस, गोधरा ट्रेन दुर्घटना, उन्नाव रेप केस, हाथरस दलित रेप व मर्डर जैसे मामले हल किए हैं।
एनएफएसयू को अक्टूबर 2020 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण संस्थान का दर्जा दिया था। यह अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य कर रहा है। देश में केवल एनएफएसयू को ही ऑफलाइन कैंपस की अनुमति मिली है ताकि आपराधिक विज्ञान की मदद से देश में अपराधों को कम किया जा सके।
बजट में घोषणा, जेडीए के पास भेजा प्रस्ताव
हाल ही में प्रस्तुत राज्य बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एनएफएसयू के ऑफलाइन कैंपस को पुलिस विश्वविद्यालय जोधपुर में खोलने की घोषणा की है। इसके लिए पुलिस विवि ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर जोधपुर विकास प्राधिकरण को भेज दिया। इसके मार्फत पुलिस विवि में नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। बड़े अपराधों की जांच गुजरात में हो सकेगीगुजरात स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री देश की सबसे उन्नत फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी है। राजस्थान में एनएफएसयू कैंपस शुरू होने के बाद प्रदेश के बड़े आपराधिक मामलों को गुजरात की लेबोरेटरी की मदद से सुलझाने में मदद मिलेगी
राज्य के अनुसार फॉरेंसिक साइंस की सुविधाएं
एनएफएसयू संबंधित राज्य के अनुसार फॉरेंसिक साइंस की सुविधाएं विकसित करेगा। राजस्थान में बजरी माफिया, भू माफिया, अफीम व डोडा पोस्त की तस्करी जैसे अपराध मुख्य है। यहां उनके अनुसार आपराधिक विज्ञान प्रक्रिया विकसित की जाएगी। उत्तरी-पूर्वी राज्यों में वन्य जीव शिकार, हथियारों की तस्करी और उग्रवादियों की घुसपैठ जैसे अपराधों के लिए वैसी प्रक्रिया होगी।
Published on:
06 Mar 2022 05:50 pm
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