
विकास चौधरी/जोधपुर/बालेसर. रंगदारी के लिए ट्रेवल्स मालिक, चिकित्सक के मकान व हिस्ट्रीशीटर पर फायरिंग के मामले में करीब दो साल से फरार हार्डकोर कैलाश मांजू शनिवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह पिता के निधन पर पैतृक गांव भाटेलाई पुरोहितान आया था। पिता का अंतिम संस्कार होने के बाद जोधपुर जिला ग्रामीण और पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजन दुष्यंत के अनुसार बालेसर थानान्तर्गत भाटेलाई पुरोहितान निवासी हार्डकोर व हिस्ट्रीशीटर कैलाश मांजू के पिता रामचन्द्र का सुबह निधन हो गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि कैलाश पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने गांव आएगा। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी (बालेसर) अजीतसिंह के नेतृत्व में पुलिस ने शाम को गांव की घेराबंदी की।
गांव के बाहर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी होने के बाद खुद को पुलिस से घिरा पाने पर कैलाश ने खुद को पुलिस के हवाले किया। उसे कड़ी सुरक्षा में बालेसर थाने लाया गया और पूछताछ के बाद रात को रिश्तेदार राणाराम विश्नोई पर हमला कर पांव फ्रे क्चर करने व जीप जलाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उसके पास कोई हथियार या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। उस पर विभिन्न थानों में लूट, मारपीट, जानलेवा हमले, तस्करी के करीब चालीस मामले दर्ज हैं। कार्रवाई में पुलिस कमिश्नरेट से थानाधिकारी भंवरलाल वैष्णव, पुष्पेन्द्र आढ़ा, लेखराज सिहाग, एसआइ परमेश्वरी भी शामिल थे।
अंतिम संस्कार शुरू होने से पहले ही घेरा
कैलाश पूर्व सरपंच है और वर्तमान में उसकी पत्नी सरपंच पति है। उसके पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की पुख्ता सूचना के बाद पुलिस ने अपराह्न बाद नाकाबंदी कराई, लेकिन वह दोपहर ढाई बजे ही गांव पहुंच चुका था। उसके गांव पहुंचने का पता लगते ही पुलिस के साथ हथियारों से लैस पुलिस कमाण्डो, क्यूआरटी के जवानों ने गांव को घेर लिया। शाम चार बजे अंतिम यात्रा घर से निकली और जो गांव के बाहर पहुंची तब तक पुलिस ने पूरा क्षेत्र घेर लिया। करीब ढाई घंटे इंतजार के बाद अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने तक पुलिस दूर सडक़ पर खड़ी इंतजार करती रही। इसके बाद कैलाश खुद पुलिस के पास पहुंचा और उसे घेरे में लेने के बाद कार से बालेसर थाने ले जाया गया।
राजपासा में करना था गिरफ्तार, भाग निकला
मकान खरीद में धोखाधड़ी के मामले में दो-ढाई साल पहले चौहाबो थाना पुलिस ने कैलाश मांजू को डीपीएस बाइपास पर मानसरोवर कॉलोनी स्थित मकान से गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटते ही उसे राजपासा में पकड़ा जाना था, लेकिन वह जमानत मिलते ही पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। तब से वह कई बार पुलिस को गच्चा देकर भाग चुका है।
लॉरेंस गैंग के साथ फायरिंग में आई थी भूमिका
रंगदारी के लिए पंजाब के कुख्यात बदमाश लॉरेंस विश्नोई ने अपने गुर्गों के साथ ही जोधपुर के बदमाशों के साथ मिलकर व्यवसायियों के कई ठिकानों पर गोलियां चलवाईं थी। मोबाइल व्यवसायी की गोली मारकर हत्या तक कर दी गई थी। लॉरेंस के साथ कैलाश की भूमिका भी सामने आई थी। पुलिस का दावा है कि जोधपुर में कैलाश ने लॉरेंस को व्यवसायियों के नाम व पते बताए थे। फरारी के बावजूद उसने कई बार वीडियो जारी कर खुद की भूमिका से इनकार किया था।
परिवार सहित नेपाल में था अथवा गुजरात में?
मांजू डेढ़-दो साल से फरार था और पत्नी व बच्चे भी उसके साथ ही रह रहे थे। पुलिस को उसके नेपाल में रहने की सूचना थी। यह भी माना जा रहा है कि वह गुजरात में छुपा हुआ था। पिता के निधन पर उसके जयपुर हवाई अड्डे से विमान में जोधपुर पहुंचने की सूचना है।
इन मामलों में है वांछित
- कल्पतरू शॉपिंग सेंटर स्थित जैन ट्रेवल्स में फायरिंग का प्रयास।
- पाल रोड पर समन्वय नगर में चिकित्सक के मकान व सेक्टर सात में ट्रैवल्स मालिक के मकान पर फायरिंग में वांछित।
- लाखों रुपए लेन-देन के विवाद में शास्त्रीनगर स्थित रिलायंस मॉल के बाहर हिस्ट्रीशीटर दिनेश बंबानी पर फायरिंग कराई थी।
- लेन-देन के विवाद में हिस्ट्रीशीटर दिनेश बंबानी के मकान पर गोलियां चलाई में शामिल।
- शास्त्रीनगर में हैण्डीक्राफ्ट व्यवसायी के बंगले पर फायरिंग में पूछताछ।
- सरदारपुरा सी रोड पर मोबाइल व्यवसायी वासुदेव इसरानी की गोली मारकर हत्या में भी संदिग्ध भूमिका।
- बालेसर थाना क्षेत्र में रिश्तेदार राणाराम विश्नोई पर हमले व वाहन जलाने में आरोपी।
OLD VIDEO OF kailash manju (Courtesy : FACEBOOK POST)
Updated on:
11 Nov 2018 01:14 pm
Published on:
11 Nov 2018 11:45 am
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