
लूनी नदी में डूबे युवक का शव बाहर निकालते गोताखोर।
जोधपुर/लूनी/खारिया मीठापुर.
भारी बारिश से जलभराव में शुक्रवार को दो चचेरे भाइयों सहित पांच युवक डूब गए। इनमें से तीन युवक शिकारपुरा गांव की लूनी नदी में तैराकी करने उतरे थे। देर शाम तीनों शव बाहर निकाल लिए गए। उधर, बिलाड़ा तहसील के चांदेलाव गांव के खेत में भरे पानी में नहाने के दौरान दो चचेरे भाइयों की मृत्यु हो गई।
लूनी थानाधिकारी हुकमसिंह ने बताया कि शिकारपुरा निवासी तीन युवक दोपहर में बाइक पर गांव से निकलने वाली लूनी नदी पहुंचे। तीनों ने कपड़े उतारकर किनारे पर रखे और तैराकी करने के लिए नदी में उतर गए। इस दौरान नदी का बहाव अधिक होने से तीनों युवक गहराई में चले गए और ड़बने लगे। उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई और हाथ-पांव चलाए। नदी के किनारे मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें डूबते देख लिया। उन्होंने गांव में सूचना दी तो ग्रामीण लूनी नदी पहुंचे। पुलिस भी मौके पर आई और सिविल डिफेंस के गोताखोरों को बुलाया।
कुछ देर की मेहनत के बाद शिकारपुरा निवासी राजेन्द्र (20) पुत्र सुमेरदान राव को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। देर शाम शिकारपुरा निवासी अनिल (27) पुत्र जुगलकिशोर श्रीमाली व करण (20) पुत्र सोहनदास वैष्णव के शव भी बाहर निकाल लिए गए। पोस्टमार्टम के लिए शव मथुरादास माथुर अस्पताल भिजवाए गए हैं।
शाम को एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। पुलिस ने ड्रॉन को लूनी नदी के ऊपर घूमाकर युवकों को ढूंढने का प्रयास किया। एसडीआरएफ के जवानों ने नौका की मदद से नदी तलाश की कोशिश शुरू की।
कापरड़ा थानाधिकारी सुरेन्द्रसिंह ने बताया कि चांदेलाव गांव में खेतों के पीछे से पानी की आवक हुई। खेत में पानी भर गया। गांव के रहने वाले मोहनीश उर्फ सागर (11) पुत्र भागाराम देवासी और भारत (13) पुत्र सुखाराम देवासी नहाने के लिए पानी में उतरे, लेकिन वे गहरे पानी में डूब गए। राह चलते एक व्यक्ति को खेत में शव नजर आया तो उसने गांव में सूचना दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और फिर तलाश के एक-एक कर दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद शव बिलाडा में सरकारी अस्पताल की मोर्चरी भेजे, जहां पोस्टमार्टम कर शव परिजन को सौंपे गए। मृतक भारत आठवीं तथा मोहनीश छठी कक्षा में पढ़ते थे।
ग्रामीणों का कहना है कि मृतक भारत व सागर चचेरे भाई थे, जो अपने-अपने परिजन के इकलौते पुत्र थे। रक्षाबंधन से दस दिन पहले दोनों की मौत से न सिर्फ बहनों बल्कि घरवालों को झकझोर कर रख दिया। गांव में भी शोक की लहर छा गई।
Published on:
10 Aug 2024 12:25 am
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