जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने फलौदी स्थित राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय की बदहाली के मद्देनजर दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। जस्टिस निर्मलजीत कौर व जस्टिस दिनेश मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश विद्यालय के छात्रों के अभिभावकों की ओर पप्पूलाल माली व भंवरलाल की जनहित याचिका में दिए। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता देवीलाल आर व्यास ने कहा कि सीनियर सैकंडरी स्तर के इस सरकारी विद्यालय के प्रति जहां स्थानीय छात्रों व अभिभावकों का हमेशा से ही लगाव रहा है, वहां सरकार का इस विद्यालय के प्रति हमेशा ही उदासीन रवैया रहा है। स्कू ल में कक्षा प्रथम से बारहवीं तक की पढाई होती है, लेकिन लंबे अरसे से सिर्फ तीन कमरे ही उपलब्ध कराए गए हैं। जिसमें कई बार तीन-तीन क्लासें साथ लगती हैं तो कभी पेड के नीचे कक्षाएं लगती है। स्कू ल में 20 शिक्षकों की स्वीकृति है, लेकिन पिछले कई वर्षों से यहां औसतन तीन शिक्षक ही कार्यरत रहते हैं। नतीजा हर बार सैकंडरी स्कू ल का रिजल्ट दस से बीस प्रतिशत भी नहीं रहता। इस बार वर्ष 2017-18 सत्र में तो दसवीं कक्षा के ग्यारह छात्रों में से दस फेल हो गए व एक के सप्लीमेंट्री आई। अर्थात शत-प्रतिशत फेल। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गयी है कि सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड करना बंद करे व तुरंत अच्छे भवन तथा शिक्षकों सहित अन्य मूल भूत सुविधाएं मुहैया कराएं।