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जानलेवा ब्लू व्हेल गेम पर हाईकोर्ट ने लिया प्रसंज्ञान, जागरूक करने के दिए निर्देश

राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने उठाया कदम  

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जोधपुर

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Amit Dave

Sep 07, 2017

high court gets strict on blue whale game

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जोधपुर.

राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने ब्लू व्हेल गेम में टास्क को पूरा करने के लिए किए जा रहे आत्महत्या के प्रयासों को गंभीरता से लेते हुए प्रसंज्ञान लिया है। समिति अध्यक्ष व न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चों एवं उनके अभिभावकों में जागरूकता लाने के लिए प्रत्येक स्कूल में कैम्प लगाने के निर्देश जारी किए। इनमें बच्चों एवं उनके अभिभावकों को शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा तथा होने वाले नुकसानों से अवगत कराया जाएगा। व्यास ने बताया कि इस प्रकार के गेम से होने वाले नुकसान से बचने के लिए प्रचार प्रसार का उचित माध्यम स्कूलें ही है। इसीलिए प्रत्येक स्कूल में जाकर पैरा लीगल वॉलिंटियर्स एवं पैनल अधिवक्ता बच्चों को जानकारी देंगे व पेम्फ लेट्स वितरित किए जाएंगे।

दरअसल, जोधपुर में कक्षा 10वीं एक छात्रा ब्लू व्हेल गेम के एक टॉस्क को पूरा करने के लिए कायलाना झील में स्कूटी सहित उतरने का प्रयास किया था। उसे गोताखोरों ने बचा लिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए समिति ने प्रसंज्ञान लिया। इस गेम की वजह से देश में कई बच्चों की मौतें हो चुकी हैं।

झील में नहीं उतरने दिया, तो खा ली गोलियां

ब्लू व्हेल गेम के अंतिम टास्क को पार करने के लिए कायलाना झील में स्कूटी सहित उतरने का प्रयास करने वाली मंडोर निवासी किशोरी का उपचार जोधपुर के निजी अस्पताल में जारी है। चिकित्सकों की मानें तो किशोरी ने अपने घर जाने पर वहां रखी कई प्रकार की दवाइयों की गोलियां खा ली। इससे उसकी तबीयत और बिगड़ गई। अब उसका उपचार किया जा रहा है। अब भी उसके परिजन चिंता में हैं और किशोरी बात करने की स्थिति में नहीं है। मंडोर निवासी सेवानिवृत्त बीएसएफ जवान की पुत्री ने ब्लू व्हेल गेम के अंतिम टास्क को पार करने के लिए सोमवार रात कायलाना झील में स्कूटी सहित उतरने का प्रयास किया था। उसे वहां से गुजर रहे गोताखोरों व पुलिस ने बचा लिया। इसके बाद परिजनों को थाने बुलाकर किशोरी को सुपुर्द कर दिया गया।

जब परिजन घर पहुंचे तो किशोरी ने घर पर भी फिर आत्महत्या का प्रयास किया। उसने घर पर रखी गोलियां खा ली, इससे उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उसे अस्पताल लाया गया। उसने अपने हाथ पर चाकू से मछलीनुमा आकृति बना रखी है। फिलहाल परिजन व किशोरी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। अस्पताल प्रशासन की मानें तो उस पर अब भी गेम का पागलपन व डर सवार है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को किशोरी मोबाइल ठीक करवाने का कहकर बाजार के लिए निकली थी। रात ११ बजे उसने कायलाना झील में जान देने का प्रयास किया था।







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