1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब इयरफोन लगाकर वाहन चलाया तो होगा ये हाल, हाईकोर्ट की इस सख्ती से सुधरेंगे यातायात के हाल

- हाईकोर्ट का सरकार व यातायात पुलिस व आरटीओ को निर्देश

2 min read
Google source verification
high court instructions on traffic of jodhpur

driving with ear phone, Rajasthan High Court, jodhpur traffic, Jodhpur RTO, Traffic police, jodhpur news

आरपी बोहरा/जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, यातायात पुलिस व परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि कोई व्यक्ति वाहन चलाते समय मोबाइल का किसी भी रूप में इस्तेमाल नहीं करे। कोई ऐसी गलती करते पाया जाता है तो उसके फोटो तथा वाहन व चालक के अन्य साक्ष्य लेकर सम्बंधित आरटीओ को लाइसेंस निरस्त करने के लिए भेजे जाएं। सम्बंधित आरटीओ व अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उक्त व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए उसे सुनवाई का उचित अवसर देते हुए विधि अनुसार लाइसेंस निरस्त किया जाए। आदेश की पालना रिपोर्ट 22 मई तक पेश करने के आदेश भी दिए हैं।

जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास व जस्टिस रामचन्द्रसिंह झाला की खंडपीठ में महेन्द्र लोढ़ा बनाम सीएस राजन अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान यातायात पुलिस ने खंडपीठ के समक्ष सड़क हादसों को लेकर पत्र पेश किया। एएजी राजेश पंवार व श्याम पालीवाल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) की ओर से 26 अप्रेल को जारी पत्र पेश करते हुए कहा कि वाहनों के चालक ड्राइविंग करते समय मोबाइल का प्रयोग करते हैं। इससे बहुत ज्यादा हादसे होते हैं। इस पर खंडपीठ ने यातायात पुलिस को ये आदेश दिए। इस सख्ती के बाद यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर नकेल कसी जा सकेगी।

सुरक्षित यातायात कब देंगे


सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अशोक छंगाणी ने कहा कि वर्ष 2007 में जारी आदेशों में सरकार से सड़कों पर सुरक्षित यातायात प्रदान कराने के लिए नियम तथा कार्रवाई आदि करने के निर्देश दिए गए थे, जबकि सड़कों पर दुपहिया वाहनों पर लोग बिना हेलमेट लगाए, तीन-तीन सवारी यहां तक कि वैन, कार, स्कू टी व बाइक चलाते करते समय मोबाइल का प्रयोग इयरफोन, ब्ल्यूटूथ लगाकर करते हैं। इससे वे दूसरों एवं खुद जान की भी परवाह नहीं करते। छंगाणी ने इस बाबत पत्रिका व अन्य समाचार पत्रों में उत्तरप्रदेश में एक बालवाहिनी हादसे का भी हवाला दिया। जिसमें ड्राइवर इयरफोन लगा बात करते समय ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका था। इस हादसे में 16 बच्चों की जान चली गई थी।

Story Loader