
rajasthan high court
राजस्थान हाईकोर्ट ने देवस्थान विभाग को रेलवे स्टेशन के सामने जाडेजी विलास में करीब सवा करोड़ की लागत से बनाई गई दो मंजिला धर्मशाला का संचालन शुरू करने के आदेश दिए हैं। देवस्थान विभाग ने बजट व स्टाफ नहीं मिलने के कारण इसका संचालन शुरू नहीं किया था।
जनहित याचिका की सुनवाई
देवस्थान विभाग के मंदिरों व सम्पत्ति के बारे दायर जनहित याचिका की सुनवाई में यह जानकारी सामने आई थी। सुनवाई के दौरान खंडपीठ में उपस्थित हुए देवस्थान विभाग के सहायक कमिश्नर ने स्वीकार किया कि दो साल पहले सवा करोड़ की लागत से धर्मशाला का निर्माण किया था, लेकिन बजट व स्टाफ नहीं मिलने से इसे शुरू नहीं कर सके। इस पर खंडपीठ ने 1 मई तक धर्मशाला को शुरू करने के निर्देश दिए।
देवस्थान विभाग : एक नजर
देवस्थान विभाग राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास अधिनियम 1959 व नियम 1962 के अंतर्गत पंजीयन योग्य सार्वजनिक प्रन्यासों (ट्रस्ट ) का पंजीकरण, पर्यवेक्षण व नियंत्रण संबंधित कार्य करता है। देवस्थान विभाग के अधीन संभाग के छह जिलों में करीब 1600 ट्रस्ट पंजीकृत हैं। सार्वजनिक प्रन्यासों के सर्वेक्षण, पंजीकरण, संपत्ति विनियोजन, लेखा नियंत्रण व प्रन्यासों के संबंध में प्राप्त होने वाली शिकायतों की जांच का दायित्व भी पूरा नहीं हो रहा है।
Published on:
26 Mar 2017 08:49 am
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