जोधपुर. राजस्थान उच्च न्यायालय ने जोधपुर शहर में पार्र्किंग के मामले में कई विभागों के आला अफसरों को राजस्थान हाईकोर्ट में तलब किया है।
राजस्थान हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस निर्मलजीत कौर और दिनेश मेहता की खण्डपीठ ने जोधपुर शहर में पार्किंग समस्या को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान डीसीपी ट्रेफिक, नगर निगम आयुक्त, आरटीओ और एस ई पीडब्ल्यूडी को २९ अगस्त को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।
अवैध बसों का संचालन
नरेश कुमार बनाम सरकार मामले की सुनवाई के दौरान एकलपीठ से इस मामले में न्यायमित्र के तौर पर पैरवी कर रहे अनिल जोशी ने कहा कि शहर में 7 सौ से अधिक अवैध बसों का संचालन हो रहा है। ये बसें सड़क पर यहां-वहां खड़ी रहती हैं। इन्हें उठाने के लिए ना तो टै्रफिक पुलिस के पास उचित क्रेन्स हैं, ना आरटीओ के पास चैकिंग के लिए स्टाफ हैं।
वाहनों की पार्किंग के लिए जगह भी नहीं
उन्होंने अदालत में कहा कि ऐसे वाहनों की पार्किंग के लिए जगह भी नहीं है। यही नहीं, शहर भर में वाहन सडकों पर खडे़ रहते हैं। नगर निगम व जेडीए पार्किंग उपलब्ध कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। सोजतीगेट के बाहर राजीव गांधी स्मारक के पास एक मल्टी लेवल और अंडरग्राउंड पार्र्किंग बनाने के नाम पर बरसों से गड्ढा खोद रखा है, लेकिन इसका निर्माण नहीं हो रहा।
कार बाजार की शिकायत पर दायर हुई थी याचिका
यह याचिका पूर्व न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास की एकलपीठ में करीब सात-आठ वर्ष पूर्व दायर हुई थी। तब शहर में कार बाजार को लेकर सड़कों पर जगह-जगह अतिक्रमण कर यातायात में बाधा डाली जा रही थी। तब जोशी को न्याय मित्र बनाया गया था। उन्होंने आरटीओ, नगर निगम, जेडीए व टै्रफिक पुलिस के साथ शहर की विभिन्न सड़कों पर कार बाजार व अतिक्रमण हटाने के सम्बंध में रिपोर्ट पेश की थी। जस्टिस व्यास ने सेवानिवृत्ति से पूर्व इस याचिका की जनहित याचिका के तौर पर खंडपीठ में सुनवाई करने की अनुशंसा की थी।
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