13 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रिश्वत लेना गृह मंत्रालय के एसएसए व चार अन्य को पड़ा भारी, एसीबी को मिला दो दिन का रिमांड

- एसीबी ने चारों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन रिमांड मांगा, दो दिन रिमांड मिला- राज्य सचिवालय में सहायक अनुभाग अधिकारी कुन्दनलाल का सुराग नहीं

2 min read
Google source verification
Jodhpur,Home Ministry,ACB,Indian visa,visa,bribe,Jodhpur Hindi news,jodhpur latest news,acb court,pak displaced,ssa news,ACB jodhpur,visa extension,

रिश्वत लेना गृह मंत्रालय के एसएसए व चार अन्य को पड़ा भारी, एसीबी को मिला दो दिन का रिमांड

- वीजा एक्सटेंशन व नागरिकता दस्तावेज तैयार करने की एवज में रिश्वत लेने का मामला
- गृह मंत्रालय में और भी कार्मिक के शामिल होने की आशंका

जोधपुर . पाक विस्थापितों से वीजा एक्सटेंशन व नागरिकता संबंधी दस्तावेजों को तैयार करने की एवज में रिश्वत लेने के आरोपी गृह मंत्रालय के एसएसए पीके मिश्रा सहित चारों आरोपियों को एसीबी मामलात की विशेष अदालत ने शनिवार को रिमांड पर भेजने के आदेश दिए। एसीबी सूत्रों के अनुसार प्रकरण में आरोपी गृह मंत्रालय के एसएसए पीके मिश्रा, भगवानदास, गोविंद और अशोक को कोर्ट में पेश किया गया जहां से चारों को दो-दो दिन के रिमांड पर भेजने के आदेश दिए गए अब चारों आरोपियों को 21 मई को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। एक अन्य कुन्दनलाल का सुराग नहीं लग पाया है जो राज्य सचिवालय में सहायक अनुभाग अधिकारी हैं गृह मंत्रालय में अन्य कार्मिकों के भी शामिल होने का अंदेशा जताया जा रहा है। गौरतलब है कि पाक विस्थापितों से वीजा एक्सटेंशन व नागरिकता संबंधी दस्तावेजों को तैयार करने की एवज में रिश्वत लेने के मामले में शुक्रवार को गृह मंत्रालय के एसएसए मिश्रा सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में पीके मिश्रा के तीन साल से पाक विस्थापितों से रिश्वत लेने की बात सामने आई है।


यह है मामला

सीमा पार से आने वाले निर्धन व प्रताडि़त पाकिस्तान विस्थापितों के वीजा एक्सटेंशन व नागरिकता संबंधी दस्तावेज तैयार करने की एवज में रिश्वत लेने के आरोप में केन्द्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक और बतौर मध्यस्थ पाक के तीन विस्थापितों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया है। इनसे हजारों रुपए, दो सौ मूल पासपोर्ट, वीजा एक्सटेंड, वीजा क्षेत्र स्थानान्तरण, गृह मंत्रालय से पाक विस्थापितों के पत्राचार संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। राज्य सचिवालय के सहायक अनुभाग अधिकारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक (एसीबी) अजयपाल लाम्बा के अनुसार इस मामले में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक (एसएसए) पंकज कुमार (पीके) मिश्रा के साथ जोधपुर में रह रहे पाक विस्थापित नागरिक अशोक पुत्र मोहनलाल, डाली बाई मंदिर के पास अम्बेडकर नगर निवासी भगवानराम पुत्र जीवनराम व नेहरू नगर निवासी गोविंद पुत्र मेवोमल को गुरुवार आधी रात डीपीएस बाइपास स्थित होटल कस्तूरी ऑर्किड से हिरासत में लिया गया। इनके कब्जे से वीजा व नागरिकता संबंधी कई दस्तावेज और हजारों रुपए जब्त किए गए। इनमें गोविंद कोर्ट परिसर में स्टाम्प वेंडर, अशोक टाइप राइटर व भगवान की कपड़े की दुकान है। एसपी व एएसपी सहीराम विश्नोई ने गुरुवार रात और शुक्रवार दिनभर आरोपियों से पूछताछ कर जब्त दस्तावेज खंगाले। इनमें रिश्वत लेने के आरोप प्रमाणित पाए गए। देर रात जयपुर स्थित एसीबी मुख्यालय में मामला दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। एफआईआर में राज्य सचिवालय (चतुर्थ) के सहायक अनुभाग अधिकारी कुन्दनलाल पुत्र हनुमान पर भी आरोप है, जो अब तक पकड़ में नहीं आया है।

फाइल अटका तीन वर्ष से ले रहा था रिश्वत
एसीबी का कहना है कि आरोपी मिश्रा छह महीने में तीन बार जोधपुर आ चुका है। वह पाक विस्थापितों में शामिल मध्यस्थों के मार्फत सम्पर्क में रहता था व रिश्वत लेता था। पाक से आने वाले नागरिक लॉन्गटर्म वीजा एक्सटेंशन, वीजा स्थानान्तरण कराने के साथ ही नागरिकता दिलाने संबंधी दस्तावेज तैयार करने के बदले प्रत्येक से दो-तीन हजार रुपए लेता था। वह कई बार पांच सौ रुपए तक ले चुका है। पाक नागरिकों की वीजा एक्सटेंशन व धार्मिक वीजा बनाने और वीजा क्षेत्र स्थानान्तरण की फाइलें गृह मंत्रालय में रोक लेता था और दलालों से सम्पर्क कर रुपए वसूलता था। यह कृत्य वह तीन साल से कर रहा था।