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हुकमाराम हत्याकाण्ड : आक्रोशित लोगों ने निकाली मौन रैली, आज बालेसर बंद का आह्वान

पुलिस पर गुमराह करने के आरोप के बाद एसपी डॉ. रवि के जांच अधिकारी बदलने के बावजूद हुकमाराम हत्याकांड पर ग्रामीणों पर आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है।

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Pawan Kumar Pareek

May 23, 2017

Silent rally by angry people

Silent rally by angry people

पुलिस पर गुमराह करने के आरोप के बाद एसपी डॉ. रवि के जांच अधिकारी बदलने के बावजूद हुकमाराम हत्याकांड पर ग्रामीणों पर आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है।

कस्बे में सोमवार शाम के समय सैंकड़ों लोगों ने बालेसर रामद्वारा से मुख्य बाजार होकर उपखण्ड कार्यालय तक मौन रैली निकाल कर हुकमाराम हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग की।

शाम 5 बजे रामद्वारा परिसर में सैंकड़ों लोगों की बैठक के बाद संत रामप्रियदास, पंस सदस्य सवाई सिंह, पूर्व सरपंच रेंवतराम, पूर्व सरपंच चैनाराम, पूर्व सरपंच बाबूराम, मदन गहलोत, यूथ कांग्रेस महासचिव सेठाराम सहित छत्तीस कौम के सैंकड़ों लोगों ने कस्बे से हुकमाराम हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की तख्तियों तले रैली निकालकर उपखण्ड कार्यालय पहुंचे।

जहां तहसीलदार उगमसिंह राजपुरोहित को उपखण्ड अधिकारी के नाम का ज्ञापन देकर हत्याकांड की निष्पक्ष जांच व भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों को निलम्बित करने की मांग की वहीं मंगलवार सुबह 9 बजे से उपखण्ड कार्यालय के आगे सभी कामकाज छोड़कर हत्याकांड के खुलासे तक धरने पर बैठने, सभी खनन इकाइयां व बालेसर बंद का आह्वान किया।

जांच ओसियां एसएचओ को सौंपी

परिजनों व ग्रामीणों की निष्पक्ष जांच की मांग पर हुकमाराम हत्याकांड की जांच जिला ग्रामीण एसपी डॉ रवि ने ओसियां एसएचओ नेमाराम चौधरी को सौंपी है। हत्याकांड में गिरफ्तार यूपी निवासी कुख्यात अपराधी अरुण कुमार व सोनू सिंह सात दिन के पुलिस रिमांड पर है।

यह है मामला

पिछले शुक्रवार को बालेसर निवासी हुकमाराम पुत्र चैनाराम का शव सेतरावा मेगा हाइवे के पास धोरों में मिला था।

शनिवार दोपहर के समय प्रदर्शन कर रहे लोगों के प्रतिनिधिमंडल को प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों ने हत्या के आरोपियों को गिरफ्तारी की बात बताते हुए हत्या में स्थानीय व्यक्ति का हाथ होना बताया तथा प्रदर्शन बंद कर हुकमाराम का शव उठाने की बात की थी।

इसके बाद हुकमाराम का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। बाद में पुलिस द्वारा हुकमाराम की हत्या लूट की नीयत से होना बताने पर ग्रामीण भड़क गए थे।

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