
जोधपुर। मुंबई से आकर सेंदड़ा थाना क्षेत्र में सराधना के जंगल में बकरियां चरा रही एक वृद्धा की पत्थर मारकर हत्या करने और उसका मांस नोंचकर खाने वाले युवक में हाइड्रोफोबिया के लक्षण पाए गए हैं। बांगड़ अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण गर्ग का कहना है कि संभवत: देश में ऐसा पहला मामला होगा, जिसमें रेबीज के मरीज ने किसी को काटकर जान से मार दिया हो।
चिकित्सकों के अनुसार हाइड्रोफोबिया मरीज की कुछ समय में मौत हो जाती है, लेकिन इतने भयानक लक्षण आने के बावजूद यह जीवित है, यह चौंकाने वाली बात है। युवक को जोधपुर के एमडीएम रैफर किया गया है। इस युवक ने वृद्धा को खाने के साथ पकड़ने पर पुलिसकर्मियों को भी काटा था। अस्पताल में आरोपी युवक का उपचार व जांच करने वाले चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ व पुलिसकर्मियों का शनिवार को टीकाकरण किया गया।
डॉक्टर प्रवीण का कहना है युवक पानी, हवा व प्रकाश से डर रहा है। जो कि हाइड्रोफोबिया का केस माना जाता है। ऐसे लक्षण जीवन में किसी पागल श्वान ने काटने के बाद रेबीज वायरस लम्बे समय तक उसके शरीर में रहने पर ही नजर आते हैं। उनका कहना है कि ये एक रेयर केस है। रेबीज के कई मामलों आज तक समाने आए है। जिसमें रेबीज से ग्रसित मरीजों ने दूसरों व्यक्तियों पर हमला किया है। लेकिन इस मामले में आरोपी युवक ने वृद्धा की हत्या कर जंगली जानवर की तरह महिला को शिकार समझकर खाया है।
हत्या के आरोपी को पाली से जोधपुर रेफर किया गया है। उसमें हाइड्रोफोबिया के लक्षण पाए गए हैं। आरोपी के परिजन का पता लगाने के लिए एक टीम मुम्बई भेजी है। उसकी जेब में आधार कार्ड भी मिला। इस आधार पर परिजन का पता लगा रहे हैं। -प्रवीण नूनावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पाली
Published on:
28 May 2023 12:37 pm
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