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जोधपुर . वायुसेना की एरोबेटिक टीम 'सूर्यकिरण' में नए ब्रिटिश हॉक एमके-१३२ विमान शामिल होने के बाद राजस्थान में पहली बार फुल रिहर्सल जोधपुर में होने जा रही है। सूर्यनगरी के आसमान पर मंगलवार सुबह दस बजे एक साथ ९ हॉक विमान विभिन्न मैनुवर के साथ हैरतअंगेज प्रदर्शन करते नजर आएंगे। इस दौरान सभी ९ विमान ६५० से ७५० किलोमीटर प्रति घण्टे की गति से उड़ेंगे। शहर के लोग अपनी छतों से सूर्यकिरण के विभिन्न एयर फोर्मेशन देख सकते हैं। इन्हें देखने के लिए लोगों में अभी से उत्साह नजर आने लगा है। बच्चों में सर्वाधिक इस बात को लेकर जोश है कि वे विमानों के करतब अपनी ही छत से आराम से देख सकेंगे। सूर्यकिरण टीम पिछले साल सितम्बर में जोधपुर आई थी। तब इसके बेड़े में ६ हॉक विमान ही थे। इस साल फरवरी में वायुसेना ने सूर्यकिरण टीम में पहले की तरह ही इनकी संख्या बढ़ाकर ९ कर दी।
शार्क स्क्वाड्रन दिखाएगी मैनुवर
सूर्यकिरण विमानों का डिस्पले वायुसेना की ५२ स्क्वॉड्रन करती है, जिसे शार्क कहते हैं। इसका मुख्यालय बीदर में है। सभी हॉक एमके-१३२ विमानों का रंग नारंगी और सफेद है। शार्क के फाइटर पायलट सूर्यनगरी के आसमान पर हॉक से विभिन्न मैनुवर का डिस्पले करेंगे। इसमें विंगओवर, लूप्स, बैरल रॉल्स, स्पलिट्स, लेवल एण्ड रॉलिंग क्रॉस इन एडिशन टू इनवर्टेड रन्स, हार्ट लूप शामिल हैं।
पहले किरण विमान उड़ाती थी सूर्यकिरण
सूर्यकिरण टीम का गठन २७ मई १९९६ में किया गया था। उस समय टीम इंटरमीडिएट जेट ट्रेनर किरण का इस्तेमाल करती थी। ये नौ विमानों के फोरमेशन में फ्लाई करते थे। वायुसेना में प्रशिक्षण के लिए विमानों की कमी पडऩे पर २०११ में सूर्यकिरण को खत्म कर दिया गया। ब्रिटिश से नए हॉक एमके-१३२ विमान आने पर वायुसेना ने २०१५ में फिर से सूर्यकिरण का गठन किया और छह हॉक विमानों से डिस्पले किया। इस साल इसमें नौ विमान शामिल किए गए हैं।
Published on:
04 Dec 2017 02:15 pm
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