
सोशल मीडिया पर "कुत्तों से हिरण बचाओ" का ट्रेंड चलाया जा रहा है क्योंकि पश्चिमि राजस्थान, खासकर जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर में हाल के वर्षों में स्थानीय पशु जैसे- चिंकारा, काले हिरण, नीलगाय और खरगोश आदि को आवारा कुत्ते समूह में हमला कर शिकार बना रहे हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, हाल के वर्षों में सैकड़ों स्थानीय पशुओं का शिकार बनाया गया है, जिसमें ज्यादातर पशुओं का शिकार आवारा कुत्ते ने किया है। स्थानीय लोग इसको लेकर काफी चिंतित हैं और उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए मुहिम छेड़कर सरकार और आमजनों से ऐसे हमले से पशुओं को बचाने की अपील की है।
जोधपुर के निकट धवा-डोली पर वन्यजीव क्षेत्र पिछले लम्बे समय से उपेक्षा का शिकार है। यहां हिरणों और चिंकारा के साथ ही अन्य वन्यजीवों ल का प्राकृतिक वास है। लेकिन पिछले कुछ सालों में इनकी संख्या लगातार गिर रही है। शनिवार को ही कुत्तों ने शिकार कर हिरण के दो बच्चों को मार 18 दिया। स्थानीय निवासी श्रवण पटेल ने बताया कि 15 दिन पहले हिरण के बच्चों का जन्म हुआ था। तभी से स्थानीय लोग उनकी सुरक्षा कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने इसको लेकर रोष है। 50 बीघा ओरण में अब काले हिरणों व चिंकारा की संख्या काफी कम रह गई है।
कुत्तों द्वारा हिरण को शिकार करने का सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें दर्जनों की संख्या में आवारा कुत्ते हिरण का पीछा करते हुए देखे जा सकते हैं। 30 सकेंड के इस वीडियो में कुछ शिकार हुए हिरण का तस्वीर भी है जिसको लेकर स्थानीय काफी चिंतित हैं। लोगों ने सरकार से स्थानीय पशु को ऐसे हमले से बचाने के लिए अपील है।
Updated on:
05 May 2024 09:00 pm
Published on:
05 May 2024 08:03 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
