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Indian Army का यह जवान 20 साल पहले हुआ शहीद, अब मिलने जा रहा सम्मान

Indian Army का यह वीर पराक्रमी Soldier जो Jammu-kashmir में 20 साल पहले शहीद हो गए थे। अब सरकार उसको खुद के गांव में ही सम्मानित करने जा रही है। 20 साल बाद ही सही अब उसके नाम से स्मारक होगा।

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ऑपरेशन पराक्रम के वीर ग्रेनेडियर जसवंतसिंह के नाम अब होगा स्मारक

ऑपरेशन पराक्रम के वीर ग्रेनेडियर जसवंतसिंह के नाम अब होगा स्मारक

जोधपुर।

करीब 20 साल पहले जम्मू-कश्मीर में Operation Prakram में वीरगति को प्राप्त हुए Martyrs ग्रेनेडियर जसवंतसिंह राठौड़ को अब सरकार स्मारक के जरिये सम्मान देने जा रही है।
सेखाला गांव में उनके स्मारक के लिए जमीन निशुल्क आवंटित की जाएगी। ग्रेनेडियर जसवंतसिंह 1 जुलाई 2002 को जम्मू कश्मीर में वीरगति को प्राप्त हो गए थे। राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक शहीद के पैतृक गांव में शहीद स्मारक का निर्माण किया जाना है। इसी क्रम में जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने यह जमीन आवंटित की। सरपंच ग्राम पंचायत सेखाला ने बताया कि शहीद स्मारक के लिए ग्राम पंचायत अपने स्तर पर शहीद स्मारक बनाने में जो खर्चा आएगा वहन करेगी तथा विधायक मद से 4 लाख की राशि शहीद स्मारक बनाने के लिए दी जाएगी। तहसीलदार सेखाला आवंटित भूमि पर कब्जा कर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी शेरगढ़ के विधिक प्रतिनिधि को सुपुर्द करेंगे।

ग्राम सेखाला के खसरा नंबर 298 रकबा 499.10 बीघा में से 0.11 बीघा शहीद जसवंत सिंह स्मारक के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी।

हर शहीद के गांव में स्मारक
राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि वह हर शहीद के गांव में स्मारक बनाएगी। उसी के तहत अब शहीदों को यह सम्मान मिल रहा है। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय विधायक भी अपनी निधि से मदद कर रहे हैं। ऐसे कई शहीद जो सालों पहले देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर गए हैं उनको सम्मान मिल पाएगा। राजस्थान के कई गांवों में सैनिक कल्याण अधिकारियों के जरिये इस प्रकार के प्रस्ताव मंगवाए जा रहे हैं। साथ ही संबंधित जिला कलक्टर्स को निर्देश दिए जा रहे हैं कि जवानों के परिवारों को हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके।