जोधपुर.
लूनी थानान्तर्गत रोहिचा खुर्द गांव में पारिवारिक विवाद के चलते उपजे खूनी संघर्ष में बुधवार देर रात कुल्हाड़ी से हमले में बारह वर्षीय बालक की हत्या कर दी गई। वहीं, मृतक के माता-पिता भी घायल हो गए। लूनी थाना पुलिस ने मृतक के तीन चचेरे भाई व एक बहन को हिरासत में लिया।
सहायक पुलिस आयुक्त (बोरानाडा) मांगीलाल ने बताया कि रोहिचा खुर्द निवासी गणपत (12) पुत्र सांवलराम पटेल की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या की गई है। वहीं, धारदार हथियार से हमले में पिता सांवलराम व मां तुलछी देवी घायल हुए हैं। दोनों का धुंधाड़ा के सरकारी अस्पताल में उपचार कराया गया। मृतक के भांजे श्रवण पटेल ने मृतक के चचेरे भाई मोहनराम, जीतूराम, हरीश व बहन सुमित्रा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने चारों को हिरासत में लिया।
वारदात का पता लगने पर एडीसीपी (पश्चिम) हरफूलसिंह, एसीपी मांगीलाल, एसआइ शिवसिंह मौके पर पहुंचे और जांच की। मथुरादास माथुर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद मासूम का शव परिजन को सौंपा गया।
बेंगलुरु जाना था, लेकिन पुत्र का अंतिम संस्कार किया
परिवादी श्रवण का आरोप है कि सांवलराम परिवार सहित बेंगलुरु में रहते हैं। लॉक डाउन की वजह से गांव आए हुए हैं। उन्हें गुरुवार सुबह बेंगलुरु लौटना था। इसलिए वो बुधवार सुबह अपने चाचा के घर मिलने गया, जहां चाची समकुदेवी ने अपने बच्चों की सगाई करने के लिए बात की। तभी आरोपी मोहनराम आ गया और सांवलराम से गाली-गलौच की व जान से मारने की धमकियां दी। रात को पुत्र की हत्या कर दी। बेंगलुरु जाने की बजाय पुत्र का अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों के आने पर हथियार छोड़कर भागे
चाचा ने बीच-बचाव किया तो सांवलराम घर लौट गए। देर रात मोहनराम, जीतूराम, हरीश व सुमित्रा हथियार लेकर आए। दीवार फांदकर घर में घुसे और सामान फेंकना शुरू कर दिया। सांवलराम और फिर पत्नी तुलछी पर वार किए। सांवलराम जान बचाकर बाहर भाग गया। पीछे अंदर से बाहर आए मासूम गणपत के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। वह लहुलूहान हो गया। मोहल्लेवासी आए तो हमलावर हथियार छोड़कर भाग गए। सभी घायलों को धुंधाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां गणपत को मृत घोषित कर दिया और माता-पिता को जोधपुर भेज दिया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और तलाश के बाद आरोपियों को हिरासत में लिया।