जोधपुर।
केन्द्रीय कारागार जोधपुर में बंद होने के बावजूद मोबाइल के मार्फत चार बसों में आग लगवाने के आरोपी दो बंदियों को गुरुवार को अजमेर में घुघरा घाटी स्थित हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया। दोनों बंदियों को सूरसागर व महामंदिर थाना पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया था।
जेल अधिकारियों के अनुसार ओसियां तहसील के गिंगाला गांव निवासी शैतानसिंह पुत्र भारतसिंह व भूपेन्द्रसिंह पुत्र राजेन्द्रसिंह जेल में बंद होने के बावजूद मोबाइल के मार्फत वारदातें करवाने में आरोपी हैं। इनके खिलाफ सूरसागर थाने में एक और महामंदिर थाने में तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस महानिदेशक जेल भूपेन्द्र कुमार दक ने गत दिनों दोनों बंदियों को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल स्थानान्तरित करने के आदेश जारी किए थे।
इसकी पालना में गुरुवार को जोधपुर जेल से बंदी शैतानसिंह व भूपेन्द्रसिंह को सुरक्षा के बीच हाई सिक्योरिटी जेल ले जाकर बंद किया गया।
40 हजार में खरीदा था मोबाइल
बस जाने के मामले में सूरसागर थाना पुलिस की जांच में जोधपुर जेल में बंद शैतानसिंह व भूपेन्द्रसिंह की भूमिका सामने आई थी। बंदियों ने 8 माह पहले 40 हजार रुपए में अन्य बंदी विरम से मोबाइल खरीदने की जानकारी दी थी। बंदी की मृत्यु हो चुकी है। बंदियों के मोबाइल जलाने से बरामद नहीं हो पाया।