जोधपुर . जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय केन्द्रीय कार्यालय स्थित बृहस्पति भवन में आयोजित भव्य विदाई समारोह में विवि के कुलपति प्रो. रामपाल सिंह को उनके उज्ज्वल भविष्य एवं अच्छे स्वास्थ्य की शुभकामनाओं के साथ साफ ा, माला पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर कर्मचारी संघ अध्यक्ष प्रो. चेनाराम चौधरी ने उपस्थित सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कुलपति के तीन साल के कार्यकाल को उत्तम बताया। उन्होंने प्रो. सिंह के कार्यकाल में विवि को मिली उपलब्धियों के लिए उनको धन्यवाद देते हुए कहा कि विवि स्थापना दिवस और दीक्षांत समारोह के आयोजन को प्रारम्भ करना विवि के लिए उत्साह और प्रेरणादायक रहा।
कुलपति प्रो. सिंह ने अपने विदाई समारोह में सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो भी कार्य संपन्न हुए उसमें पूरे विवि परिवार का पूर्ण समर्पित सहयोग रहा। उन्होंने इसके लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विवि की पहचान की पहली कड़ी उसका स्थापना दिवस होता हैं। उन्होंने कहा कि जोधपुर की अपणायत हमेशा मुझे सबकी याद दिलाती रहेगी और आप सभी के द्वारा प्रत्येक कार्य को जिस समर्पण के साथ किया। उसके लिए सभी का आभार रहूंगा।कार्यक्रम में कला संकाय अधिष्ठाता प्रो. डीसी जैन, वित्त नियंत्रक दशरथमल सोलंकी, कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रो. प्रदीप शर्मा ने प्रो. रामपाल सिंह के साथ हुए अपने अनुभव साझा किया। इस मौके पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. जेताराम विश्नोई, विभिन्न संकाय के अधिष्ठाता, विभागों के विभागाध्यक्ष एवं आचार्यगण, सहायक कुलसचिव, निदेशक, शिक्षक, जनसंपर्क अधिकारी रामनिवास चौधरी, छात्रसंध अध्यक्ष कांता ग्वाला, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कुणाल सिंह, छात्रनेता, कर्मचारी एवं सहायक कर्मचारी संघ अध्यक्ष, कर्मचारीगण और विद्यार्थी मौजूद रहे। एनएसयूआई की ओर से भी कुलपति का अभिनंदन किया गया।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दिनेश परिहार के नेतृत्व में कार्यकत्ताआें ने कुलपति को स्मृति चिह्न भेंट किया। पुष्टिकर महिला महाविद्यालय में भी विदाई श्री पुष्टिकर श्री पुरोहित सूरजराज रुपादेवी स्मृति महिला महाविद्यालय में भी कुलपति का विदाई समारोह का आयोजन किया गया। सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास के मुख्य आतिथ्य में विद्यालय प्रबंधन ने कुलपति को स्मृति चिह्न प्रदान किया। विधायक व्यास ने कहा कि कुलपति ने व्यास विवि के शैक्षणिक स्तर को जो गति प्रदान की है वह सदैव स्मरणीय रहेगी। ट्रस्ट अध्यक्ष महेश बोड़ा, सचिव शांतिप्रसाद हर्ष, संस्थान सचिव ओपी लोहरा, सह सचिव रमेशचंद्र पुरोहित, प्राचार्य प्रो. केके व्यास और प्रशासक बीके जोशी ने विचार रखे।