17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर डिस्कॉम की की गलती से भीतरी शहर में बिजली खा रही झटके

- भीतरी शहर के लिए सरकार ने स्वीकृत किए हैं 20 करोड़ रुपए

2 min read
Google source verification
Jodhpur,Jodhpur Hindi news,jodhpur latest news,Low voltage distress,jodhpur discom,jodhpur discom news,jodhpur discom md,

जोधपुर डिस्कॉम की की गलती से भीतरी शहर में बिजली खा रही झटके

- प्रतिदिन 50 से अधिक शिकायतें कम वोल्टेज की

अविनाश केवलिया/जोधपुर. लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी की मार विद्युत तंत्र पर भी पड़ी है। विद्युत खपत बढऩे से सबसे ज्यादा परेशानी भीतरी शहर में आ रही है। यहां शाम ढलने से लेकर सुबह तक कई मोहल्लों व गलियों में बिजली झटके खा रही है। यह बात खुद डिस्कॉम प्रबंधन भी जानता है। सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए बजट भी दिया है लेकिन मामला टैंडर प्रक्रिया में उलझा हुआ है। भीतरी शहर का बिजली सिस्टम पहले ही अत्यधिक दबाव में है। गर्मी में एसी-कूलर ने बिजली खपत को काफी बढ़ा दिया है। ऐसे में ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्या आम है। डिस्कॉम पिछले गर्मी सीजन से इस समस्या के समाधान का प्रयास कर रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने इंटीग्रेटेड पावर डवलपमेंट स्कीम (आइपीडीएस) में जोधपुर शहर को पहली बार 20 करोड़ रुपए का बजट जारी किया। डिस्कॉम ने गर्मी से पहले समस्या समाधान के लिए टैंडर लगाए, पर कोई ठेकेदार आगे नहीं आया। अब दुबारा टैंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

सालों से नहीं बदली लाइन और ट्रांसफार्मर

भीतरी शहर में विद्युत लाइनें सालों से नहीं बदली गई। ट्रांसफार्मर भी पुराने और कम क्षमता के हैं। इस क्षेत्र में पिछले 5-7 साल में उपभोक्ताओं की संख्या और बिजली का लोड़ काफी बढ़ा है।

प्रतिदिन औसतन 50 शिकायतें

जोधपुर के भीतरी शहर से कम वोल्टेज की औसतन 50 शिकायतें प्रतिदिन मिलती हैं। लेकिन बिना समाधान के ही इन शिकायतों को निस्तारण श्रेणी में डाल दिया जाता है। लोगों का कहना है कि रात होते ही पंखे-कूलर की स्पीड आधी और ट्यूबलाइट बंद हो जाती है।

पांच साल पहले योजना में भी करोड़ों खर्च हुए

पांच साल पहले आर-एपीडीआरपी के तहत बिजली तंत्र मजबूत करने के लिए जोधपुर शहर में नए जीएसएस बनाने, बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड करने और नए ट्रांसफार्मर लगाने के काम हुए थे। दो साल पहले यह योजना बंद कर दी गई। अब लोड बढऩे से फिर से बिजली तंत्र के विकास की दरकार है।

इनका कहना...

आइपीडीएस योजना में भीतरी शहर के लिए 20 करोड़ रुपए मिले हैं। इसके लिए पहले टैंडर किए लेकिन कोई ठेकेदार आया नहीं। दो-तीन दिन में फिर से टैंडर खुलने वाले हैं। इसके बाद विद्युत तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
- जेके सोनी, अधीक्षण अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम शहर