
जोधपुर का एक ऐसा हाई-वे जहां उतरेंगे फाइटर प्लेन
जोधपुर-जयपुर रोड
- 110 किलोमीटर का हाई-वे
- 1100 करोड़ रुपए होंगे खर्च
- 02 बाइपास हाई-वे पर
- 03 फ्लाई ओवर
- 01 रेलवे ओवरब्रिज
- 03 अंडर ब्रिज
जोधपुर . जोधपुर-बर फोरलेन बनाने का काम शुरू हो गया है। यह 110 किलोमीटर लम्बा फोरलेन सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि यही फोरलेन जयपुर ? को जैसलमेर बॉर्डर से जोडऩे की कड़ी साबित होगा। वर्ष1990 से इस रोड को फोरलेन करने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन केवल घोषणाएं ही होती रहीं। गत वर्ष पीएम नरेन्द्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया। खास बात यह है कि यह फोरलेने पूरी तरह से सीसी रोड का होगा। इसकी मजबूती भी खास होगी। आपात स्थिति में इस रोड पर फाइटर प्लेन उतर सकेंगे। इसे देखते हुए ही हाई-वे को सामरिक लिहाज से तैयार किया जा रहा है। साथ ही यह सीधे जैसलमेर को राजधानी दिल्ली से जोड़ेगा। जैसलमेर पर बॉर्डर एरिया है। जोधपुर भी सामरिक गढ़ है। ऐसे में यह हाई-वे तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट पर 1100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस प्रोजेक्ट में दो बाइपास बनेंगे। एक बाइपास बर में बनेगा जो 3.25 किलोमीटर का होगा। जबकि दूसरा बाइपास 6.70 किलोमीटर का बिलाड़ा में बनेगा। यह खारिया मीठापुर तक जाएगा। इस फोरलेन में तीन फ्लाईओवर, तीन अण्डरब्रिज और एक रेलवे ब्रिज बनेगा।
कोणार्क कोर का मुख्यालय जोधपुर में
जोधपुर में भारतीय सेना की कोणार्क कोर का मुख्यालय है जिसका प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रैंक का अधिकारी है। कोणार्क कोर जोधपुर से ही प्रदेश व गुजरात की डिविजन को कमाण्ड देती है। इसमें 50 हजार से अधिक सैन्यकर्मी हैं। बनाड़ रोड पर आर्मी के सप्लाई डिपो है जिनसे सेना को साजों-सामान और आयुध सामग्री की आपूर्ति की जाती है। यहां एविएशन यूनिट भी है जो रुद्र और ध्रुव हेलिकॉप्टर के साथ सुरक्षा का जिम्मा संभाले हुए हैं। सैनिकों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। साथ ही सेना भर्ती रैली का कार्यालय भी है जो सेना में आने के इच्छुक युवाओं की भर्ती करता है। यहीं पर मिलिट्री हॉस्पीटल भी है जहां प्रदेश भर के सैनिकों को इलाज की सुविधा मुहैया करवाई जाती है।
Published on:
12 May 2018 12:50 pm
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