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जोधपुर स्थापना दिवस : इतिहासकार और राजस्थानी के साहित्यकार प्रो.जहूर खां मेहर का अभिनन्दन होगा

जोधपुर स्थापना दिवस के दिन जाने माने इतिहासकार और राजस्थानी भाषा के साहित्यकार प्रो. जहूर खां मेहर का सम्मान होगा।
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जोधपुर

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MI Zahir

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Updated: 3 May 2018, 6:00 AM IST

 Zahoor khan mehar

Zahoor khan mehar

जोधपुर . जोधपुर स्थापना दिवस के दिन जाने माने इतिहासकार और राजस्थानी भाषा के साहित्यकार प्रो. जहूर खां मेहर का सम्मान होगा। उन्हें शोधपूर्ण इतिहास, राजस्थानी भाषा साहित्य में श्रीवृद्धि एव लोक संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट और उल्लेखनीय योगदान देने के लिए हाल ही में कमला गोयनका फाउंडेशन के सारस्वत सम्मान से नवाजा गया है।

मेहर का अभिनन्दन समारोह

साहित्यकार मंच की ओर से इतिहास पुरोधा प्रो.जहूर खां मेहर का अभिनन्दन समारोह 12 मई को शाम 5 बजे सिवांची गेट स्थित स्वामी कृष्णानन्द सभागार में आयोजित किया जाएगा।साहित्यकार मंच के संयोजक राष्ट्रीय कवि दिनेश सिन्दल ने बताया कि वरिष्ठ साहित्यकार श्यामसुन्दर भारती कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर जयपुर निवासी वरिष्ठ शाइर तबस्सुम रहमानी अशरफी का उर्दू अदब के लिए दी गई सेवाआें के लिए सम्मान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इतिहास और राजस्थानी साहित्य में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित नाम है प्रो. जहूर खां मेहर। वे जोधपुर में रहते हैं।

लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित

उन्हें राजस्थानी भाषा साहित्य व संस्कृति अकादमी बीकानेर की ओर से समग्र साहित्य पर प्रथम पूनमचंद विश्नोई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा जा चुका है। इस पुरस्कार के तहत उन्हें एक लाख रुपए, अभिनंदन पत्र, स्मृति चिह्न, शॉल व श्रीफल अर्पित किए गए थे।

विशिष्ट व उल्लेखनीय योगदान

साहित्य के पुरोधा : प्रो. जहूर खां मेहर ; एक नजरप्रो.मेहर ने राजस्थानी साहित्य व इतिहास के क्षेत्र में विशिष्ट व उल्लेखनीय योगदान दिया है। जोधपुर में 20 जनवरी, 1941 को जन्मे प्रो. जहूर खां मेहर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। राजस्थानी संस्कृति रा चितराम, धर मर्जला धर कोसा, जयमल मेड़तिया, अर्जुन आळी आंख, सांस्कृतिक ऐतिहासिक राजस्थान, लक्ष्मीकुमारी चंूडावत ग्रंथावली, आजादी आंदोलन अर राजस्थान, टाळवा निबंध. ऊजळ पख, चेतावनी रा चंूगटिया (राजस्थानी, संपादित), अमीना (राजस्थानी, अनूदित) उनकी ख्यात पुस्तकें हैं। इन पुस्तकों सहित उनकी 24 से अधिक पुस्तकें स्वरचित हैं।

कई पुरस्कार व सम्मान मिले

प्रो. मेहर को साहित्यिक योगदान के लिए कई पुरस्कार व सम्मान मिले हैं, जिनमें महेन्द्र जालोदिया पुरस्कार, सर्वोत्तम लेखन पुरस्कार, बाणभट्ट सम्मान, महाराणा कुम्भा पुरस्कार, आगीवाण सम्मान, विशिष्ट राजस्थानी साहित्यकार सम्मान, मारवाड़ रत्न सम्मान और सांस्कृतिक विरासत रा समवाहक सम्मान शामिल हैं। वे महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के प्रबंधन बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं।