
जोधपुर।
जोधपुर के विश्वविख्यात हैण्डीक्राफ्ट उत्पादों की डिजाइन अब कोई नहीं चुरा पाएगा। हैण्डीक्राफ्ट उद्योग की साख को बरकरार रखने के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैण्डीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) ने निर्यातकों के उत्पादों के कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन की पहल की है। जिसके साथ जुड़कर हैण्डीक्राफ्ट व्यापारी अपने डिजायनों को सुरक्षित रख सकते हैं। इस पहल की शुरूआत से जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन व अन्य व्यापारियों में खुशी देखी जा रही है।
लाखों रुपए खर्च करते है डिजाइन पर
हैण्डीक्राफ्ट उद्योग में हजारों उत्पादों की विभिन्न प्रकार की डिजाइन रेंज होती है। जो दिखने में काफी हद तक एक जैसी लगती है। निर्यातक विदेशी ग्राहकों को लुभाने के लिए नए-नए उत्पाद श्रेणी लांच करने के लिए लाखों रुपए खर्च कर देशी-विदेशी डिजाइनरों से नई डिजाइन बनाते है। जोधपुर के निर्यातक इन नए एक्सक्लूजिव प्रोडक्ट रेंज को अपने मार्केटिंग ब्रोशर, अन्तरराष्ट्रीय मेलों में स्टॉल लगाकर डिस्प्ले करते हैं। कई बार अन्य निर्यातकों, रिटेलर्स, बायर एजेन्ट्स द्वारा एक्सक्लूजिव प्रोडक्ट की कॉपी करने की वजह से प्रोडक्ट की डिजाइन पर पानी फिर जाता है।
इनका कहना है
आगामी दिल्ली इंटरनेशल फेयर में देशभर के निर्यातक अपने प्रोडक्ट का रजिस्टे्रशन कॉपीराइट एक्ट के तहत करवा सकते है । ईपीसीएच से कॉपीराइट रजिस्टर्ड प्रोडक्ट डिसप्ले अन्य कोई नहीं कर पाएगा।
राकेश कुमार,
कार्यकारी निदेशक ईपीसीएच
डिजाइन चोरी होने से बचेगी
जोधपुर के निर्यातकों की नई डिजाइनों के विकास की क्षमता, संख्यात्मक उत्पादन, गुणवत्ता शैली व विदेशी खरीदारों को संतुष्ट करना ध्येय रहता है। अन्तरराष्ट्रीय मेलों में जोधपुर के निर्यातकों के उत्पादों की डिजाइन कॉपी होने का खतरा ज्यादा रहता है। ईपीसीएच के इस कदम से जोधपुर के निर्यातकों की युनिक डिजाइन चोरी होने से बच जाएगी।
डॉ. भरत दिनेश
अध्यक्ष, जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
Published on:
30 Jun 2018 01:47 am
