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घरेलू बाजार में छा रहा जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट

अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर हैण्डीक्राफ्ट्स उद्योग ने जोधपुर को विशेष्ा पहचान दिलाई है। इस उद्योग ने न
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Mukesh Kumar Sharma

Jun 25, 2015

jodhpur

jodhpur

जोधपुर।अन्तरराष्ट्रीय
स्तर पर हैण्डीक्राफ्ट्स उद्योग ने जोधपुर को विशेष्ा पहचान दिलाई है। इस उद्योग ने
न केवल विदेशी मुद्रा कमाने में योगदान दिया है बल्कि लाखों लोगों को रोजगार भी
मुहैया कराने में अग्रणी भूमिका निभाई है।


हैण्डीक्राफ्ट उद्योग में
सूर्यनगरी के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निर्यात के
अलावा जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट इन दिनों घरेलू बाजार में भी धूम मचाए हुए है तथा
घरेलू बाजार का आंकड़ा दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है।

शहर में हैण्डीक्राफ्ट
आइटम्स के रिटेल शोरूम खुलने लगे हैं, जिनमें स्थानीय लोगों सहित देसी-विदेशी
पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।


घरों को रॉयल लुक


जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल भण्डारी
ने बताया कि जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट उद्योग घरेलू बाजार में पैर पसार रहा है और
आने वाले समय में घरेलू बाजार पर अच्छी पकड़ कर लेगा। खास तौर पर छोटे गिफ्ट
आइटम्स, बड़ी होटलों से लेकर आलीशन घरों को रॉयल लुक देने वाले इंटीरियर डेकोरेशन
की ओर सक्रिय हो रहे हंै और होटलों, घरों, रेस्टोरेन्ट्स आदि की सजावट पर ध्यान
दिया जा रहा है। इसके अलावा देश के कई बड़े स्टार होटल भी जोधपुर के निर्यातकों से
संपर्क कर हैण्डीक्राफ्ट इंटीरियर डेकोरेशन करवा रहे हैं।

मंदी को भांपकर
किया रूख


एसोसिएशन सचिव डॉ. भरत दिनेश ने बताया कि विश्वव्यापी
मंदी,टैेक्स की दोहरी मार व चीन के मुकाबले जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट की ज्यादा कीमत
होने के कारण पिछले 2-3 सालों की तुलना में इस वष्ाü निर्यात में करोड़ों की कमी आई
है। इन संकेतों को भांपकर ही जोधपुर के निर्यातकों ने घरेलू बाजार की ओर रूख किया।
अभी तक निर्यातक इंटरनेशनल फेयर में ही अपनी कला की प्रदर्शनी करते थे, लेकिन हाल
के दिनों में डोमेस्टिक एक्जीबिशन में भी पार्टिसिपेट करना शुरू किया है।



यूरोप व यूएस से बड़ा घरेलू बाजार


निर्यातक व घरेलू बाजार
में व्यवसाय करने वाले चन्द्रशेखर जैन ने बताया कि पहले निर्यातक केवल विदेशों में
अपना माल एक्सपोर्ट करते थे, अब पिछले कुछ सालों से निर्यातकों ने घरेलू बाजार की
ओर भी रूख किया है। जिसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। कई निर्यातको ने अपने शोरूम
डोमेस्टिक मार्केट के लिहाज से खोल रखे हंै। यहां लोकल ग्राहकों की कमी नहीं है।
उन्होंने बताया कि यूएस व यूरोप से बड़ा भारत का बाजार है। जोधपुर के करीब-करीब सभी
निर्यातकों व मैन्यूफैक्चरर्स ने घरेलू बाजार में काम करना शुरू कर दिया है, जिसके
अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।

300-350 करोड़ का टर्न ओवर

हाल ही के 2-3
वष्ाोü में घरेलू बाजार (जोधपुर सहित देश ) में जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट उद्योग के पैर
पसारने से अच्छे नतीजे मिले हैं। घरेलू बाजार का सालाना टर्न ओवर 300-350 करोड़ है
और आने वाले समय में यह और बढ़ेगा। यह घर-घर, ढाणी-ढाणी व गांव-गांव में चलने वाला
उद्योग है, साथ ही सबसे ज्यादा रोजगार सृजन करने वाला उद्योग है। सरकार अगर ध्यान
दे और इस उद्योग को वेट मुक्त कर दे तो और इस उद्योग से जुड़े हर व्यक्ति को राहत
मिलेगी।निर्मल भण्डारी, अध्यक्ष, जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स
एसोसिएशन


अमित दवे