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जोधपुर. जिन जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं होते हैं। वहां जिला *****्पतालों की अलग वैल्यू होती है, लेकिन जहां मेडिकल कॉलेज से संबद्ध *****्पताल होते हैं, वहां जिला *****्पतालों की क्या दुर्दशा होती है। इसका ताजा उदाहरण है राजकीय ह्यूसन महिला बाग जिला चिकित्सालय। यहां जनरेटर तक की व्यवस्था नहीं है। हालांकि *****्पताल प्रशासन ने इनवर्टर लगा रखा है, लेकिन लंबे समय तक बिजली गुल होने पर मरीज और परिजन बेहाल हो जाते हैं। *****्पताल में सर्जन होने के बावजूद सर्जरी नहीं होती है, क्योंकि ऑपरेशन थिएटर नहीं है। ऑपरेशन थिएटर नहीं होने के कारण सिजेरियन प्रसव नहीं होते हैं। इस कारण यहां चिकित्सक लाखों रुपए का वेतन उठा रहे हैं, लेकिन उसका जनता को कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
बड़ी डिस्पेंसरी जैसे हाल
*****्पताल में ज्यादातर मरीज आउटडोर के आते हंैं। इस *****्पताल में लोग भर्ती होने से भी कतराते हैं। कारण यही है कि यहां सुविधाएं नगण्य हैं। हालांकि यहां आउटडोर ठीक है, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते यह *****्पताल अभी तक जिला *****्पताल का स्वरूप नहीं ले पाया है। एेसे में यह *****्पताल केवल बड़ी डिस्पेंसरी ही समझा जा सकता है।
सामान्य प्रसव ४०, सिजेरियन एक भी नहीं
इस *****्पताल में एक साल का रिकार्ड खंगालने पर पता चला कि पिछले आठ महीनों के दौरान यहां केवल ४० प्रसव हुए हैं। जबकि यहां सिजेरियन डिलीवरी नहीं होती। क्योंकि यहां ऑपरेशन थिएटर की सुविधा नहीं है। इसी कारण यहां दो सर्जन होने के बावजूद एक भी सर्जरी नहीं हुई। *****्पताल प्रशासन के अनुसार यहां ओटी वर्र्किंग में नहीं है। क्योंकि ओटी के लायक सामान भी नहीं है। इस चिकित्सालय में दो कनिष्ठ विशेषज्ञ शल्य रोग, एक स्त्री रोग कनिष्ठ विशेषज्ञ, एक दंत रोग चिकित्सक और एक नेत्र रोग चिकित्सक कार्यरत है। हालांकि ऑपरेशन थिएटर बना हुआ है, जिसमें आवश्यक उपकरण, जीवनरक्षक उपकरण, दवाइयां और निश्चेतना चिकित्सक न होने से आमजन को शल्य व स्त्री रोग से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं।
स्टाफ पैटर्न सीएचसी जैसा
यह *****्पताल पूर्व में डिस्पेंसरी था। राजकीय जिला चिकित्सालय को राज्य सरकार की ओर से ८ मई २००७ को दिए गए आदेश से जिला *****्पताल में क्रमोन्नत किया गया। इस क्रमोन्नति के अनुरूप यहां स्टाफ के पद स्वीकृत नहीं किए गए। वर्तमान में यहां स्टाफ पैटर्न सीएचसी का है। एेसे में *****्पताल प्रशासन को भी २४ घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इनका कहना है
*****्पताल में जनरेटर व ओटीे का सामान भिजवाने के लिए प्रस्ताव भेज रखा है। आवश्यक उपकरण न होने के कारण ओटी संचालित नहीं हो रही है।
- डॉ. सीएस आसेरी, पीएमओ, महिला बाग जिला *****्पताल, जोधपुर
Published on:
09 Sept 2017 03:32 pm
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