
-शानदार रोशनी से सजे घर-बाजार
बासनी (जोधपुर ).
अंधेरे पर उजाले की जीत का पर्व दीपावली गुरुवार को पारंपरिक हर्षोल्लास से मनाया गया। अमावस्या के तिमिर को सूर्य नगरी में छाई इंद्रधनुषी छटा ने रंगीन रोशनी से सरोबार किया। घर-घर असंख्य दीयों से सजी दीपमालाओं के बीच आसमान में आकर्षक आतिशबाजी ने अमावस्या के गहन अंधकार को दूर कर लोगों के दिलों को आनंद उल्लास से भर दिया। दीपोत्सव की शाम गोधूलि वेला में नवीन वस्त्र धारण करने के बाद लोगों ने महालक्ष्मी का षोडशोपचारपूर्वक पूजन कर जमकर आतिशबाजी की। इस दौरान महिलाओं बच्चों और युवा वर्ग में आतिशबाजी के प्रति खासा उत्साह नजर आया। जोधपुर ? के दक्षिणी-पश्चिमी जोन के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, बासनी, पाल रोङ, कुड़ी सहित पूरे शहर की गली मोहल्लों में पटाखों की आतिशी धमचक ने पिछले कई दर्शकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके चलते रात्रि 10 बजे तक ही पटाखे छोड़ने के कायदे-कानून भी धरे रह गए। घरों-प्रतिष्ठानों के बाहर सजी दीपमालाओं में समूची सूर्यनगरी रोशनी से जगमगा उठी। इस बार गोधूलि वेला से देर रात तक अनवरत महालक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त होने के कारण शहर वासियों ने अपनी-अपनी सुविधा अनुसार लक्ष्मी पूजन किया।
गोवर्धन पूजन
महालक्ष्मी पूजन के दूसरे दिन शुक्रवार को घरों के बाहर गोवर्धन पूजन कर घरों में बनाए गए पकवानों का प्रसाद चढ़ा कर खुशहाली व समृद्धि की प्रार्थना की।
सामाजिक समरसता का संदेश---
कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड में दिवाली का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। विभिन्न प्रदेशों के रहने वाले परिवारों ने एक साथ मिलकर एक दूसरे के साथ खुशियां बांटी। कई परिवारों ने तेल के दीयों से घर रोशन किए। बाजारों में दिवाली के दिन आम दिनों से ज्यादा भीड़ रही। इस बार चीन के उत्पादों का विरोध देखते हुए अधिकतर परिवारों ने चीन में बनी लाइटें नहीं खरीदी, लेकिन पिछले साल की पड़ी चाइनीज लाइटों से घर की छतों पर रोशनी जरूर की। जिन घरों में शोक था उनके पड़ोसियों ने वहां दिए लगाकर सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया।
Published on:
20 Oct 2017 01:21 pm
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