20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर की जरूरत मिनी सचिवालय…

मिनी सचिवालय

2 min read
Google source verification
जोधपुर की जरूरत मिनी सचिवालय...

जोधपुर की जरूरत मिनी सचिवालय...

राजेन्द्र सिंह देणोक

जोधपुर. आमजन की सरकारी दफ्तरों तक पहुंच को आसान बनाने के लिए जिलों में मिनी सचिवालय बनाने की योजना कुछ एक जिलों को छोडकर ठण्डे बस्ते से बाहर नहीं आ रही है। प्रदेश के 12 जिलों में मिनी सचिवालय बनना प्रस्तावित है। इसमें जोधपुर भी शामिल है। मिनी सचिवालय के निर्माण को लेकर यहां अब तक कोई कदम नहीं बढ़ा। जोधपुर को दो जिलों में बांटने के बाद अब मिनी सचिवालय की दरकार है।

जिलों में मिनी सचिवालय बनाने की योजना के तहत सरकार ने पहले चरण में 12 जिलों को चुना था। इसमें जयपुर, गंगानगर, अलवर, सीकर, प्रतापगढ़, जैसलमेर, सिरोही, जोधपुर, बांसवाड़ा, चूरू, टोंक और धौलपुर शामिल हैं। यहां मिनी सचिवालय बनाकर जिला स्तर के सभी दफ्तर उनमें शिफ्ट किया जाना प्रस्तावित है।

दफ्तरों में ऐसी दूरियां

●शिक्षा विभाग माध्यमिक और उप निदेशक कार्यालय पुलिस लाइन के सामने हैं तो प्रारंभिक शिक्षा विभाग उम्मेद क्लब के निकट चल रहा है। एक ही विभाग के कार्यालय के बीच दूरियां है।

●सार्वजनिक निर्माण विभाग का कार्यालय जेडीए के पीछे संचालित है। कलक्ट्रेट से इसकी दूरी करीब तीन किलोमीटर तक है।

●पीएचईडी का कार्यालय रिक्तिया भैरूजी पर बना हुआ है। कलक्ट्रेट से इसकी दूरी करीब चार से पांच किलोमीटर है।

●पशुपालन विभाग विभाग का ऑफिस पुलिस लाइन के निकट बना हुआ है।

●वन, कृषि, सीएमएचओ और को-ऑपरेटिव रजिस्ट्रार के दफ्तर भी अलग-अलग जगह बने हुए हैं।

●कलक्ट्रेट में संभागीय आयुक्त, कलक्टर और जिला परिषद का ऑफिस चल रहा है।

...तो एक जगह होंगे 38 कार्यालय

मिनी सचिवालय बनता है तो कलक्टर, एडीएम, समाज कल्याण, एसपी ऑफिस, स्टांप एंड रजिस्ट्रार, कंपरेटिव, सीएमएचओ, कृषि, पशुपालन, वन, पीएचईडी, पीडब्लूडी समेत करीब 38 दफ्तर एक ही परिसर में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। इससे आम आदमी को जिला स्तर पर होने वाले कामों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। यदि, पूर्व और पश्चिमी जिले के ऑफिस मिनी सचिवालय में बनाए जाए तो कार्यालयों की संख्या दुगुनी हो जाएगी।

अलवर में भवन तैयार

●अलवर में तो मिनी सचिवालय के लिए नई बिल्डिंग बन कर तैयार है। यहां मिनी सचिवालय यूआईटी ने बनवाया।

●गंगानगर में पुरानी शुगर मील जमीन इसके लिए चिह्नित हो चुकी है। यहां मिनी सचिवालय और डीजे कोर्ट के लिए तीन मंजिला बिल्डिंग बनेगी।

●सीकर में डीपीआर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। कलक्ट्रेट की जमीन नीलाम कर सांवली रोड पर मिनी सचिवालय का निर्माण कराया जाएगा।